🎋 फसल मार्गदर्शिका🗓️ रबी · खरीफ 2025–26📍 उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती — सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
Complete Sugarcane Farming Guide for Uttar Pradesh — Variety, Sowing, Fertilizer & Disease Control
बुवाई से लेकर चीनी मिल भुगतान तक — किस्म चुनाव, खाद, सिंचाई, रोग नियंत्रण और SAP मूल्य — UP के हर गन्ना किसान के लिए सम्पूर्ण हिंदी जानकारी।
✍️ KrashiMitra.in⏱️ 10 मिनट पढ़ें📅 मई 2026 अपडेट
# उत्तर प्रदेश की शान गन्ना |
उत्तर प्रदेश के गन्ने के खेत — मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी UP के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिले हैं
🌡️
21°C – 35°C
उपयुक्त तापमान
📅
फरवरी–मार्च
बुवाई का समय
🌱
25–30 क्विं/एकड़
बीज की मात्रा
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300–400 क्विं/एकड़
औसत उपज
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8–10 बार
सिंचाई
⏳
10–12 महीने
फसल अवधि
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परिचय
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है और देश की कुल चीनी उत्पादन में लगभग 40% हिस्सेदारी UP की है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी और गोंडा जिले गन्ना बेल्ट के प्रमुख केंद्र हैं।
गन्ना एक दीर्घकालिक नकदी फसल है। एक बार बुवाई के बाद पेड़ी फसल भी ली जा सकती है। सही किस्म, समय पर बुवाई, उचित खाद-पानी और रोग नियंत्रण से एकड़ में 350–400 क्विंटल तक उपज संभव है।
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इस गाइड में आप सीखेंगे: किस्म चुनाव → मिट्टी तैयारी → बुवाई → खाद → सिंचाई → रोग नियंत्रण → कटाई → मिल भुगतान — पूरा चक्र, हिंदी में।
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UP के लिए अनुशंसित किस्में
सही किस्म का चुनाव ही सफल खेती की नींव है। नीचे KVK और IISR लखनऊ द्वारा अनुशंसित किस्में दी गई हैं:
किस्म
प्रकार
पकने का समय
विशेषता
Co-0238 (करण 4)
अगेती
10–11 महीने
सबसे लोकप्रिय, अधिक शर्करा, रोग प्रतिरोधी
CoSe-98231
मध्यम
12 महीने
पश्चिमी UP के लिए उत्तम, भारी उपज
CoJ-64
अगेती
10 महीने
जलभराव सहनशील, पूर्वांचल के लिए उपयुक्त
UP-05125
मध्यम
11–12 महीने
लाल सड़न रोग प्रतिरोधी
CoS-8436
पछेती
12–14 महीने
पेड़ी फसल के लिए उत्कृष्ट
Co-0118
मध्यम
11–12 महीने
सूखा सहनशील, तराई क्षेत्र के लिए
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Co-0238 (करण 4) UP में सबसे अधिक उगाई जाने वाली किस्म है। अधिक शर्करा और रोग प्रतिरोधकता के कारण चीनी मिलें भी इसे पसंद करती हैं।
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मिट्टी और जलवायु
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मिट्टी का प्रकार
दोमट और बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम। pH 6.5–7.5 होनी चाहिए। जल निकास की अच्छी व्यवस्था जरूरी।
बुवाई के 3–4 दिन के अंदर: Atrazine 50% WP — 800 ग्राम प्रति एकड़, नम मिट्टी पर छिड़काव।
30–45 दिन पर: हाथ गुड़ाई या 2,4-D 80% WP — 400 ग्राम/एकड़ का छिड़काव।
मिट्टी चढ़ाना (Earthing Up): 60–75 दिन पर हल से मिट्टी चढ़ाने से खरपतवार नष्ट और पौधा मजबूत होता है।
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पेड़ी (Ratoon) फसल प्रबंधन
गन्ना कटाई के बाद खेत में छोड़ी गई जड़ों से अगली फसल — पेड़ी फसल — उगती है। इससे बुवाई का खर्च बचता है।
1
कटाई के तुरंत बाद
ठूंठ जमीन के करीब काटें। अवशेष जलाएं नहीं — मिट्टी में मिलाएं।
2
हल से गुड़ाई और खाद
दो-तीन बार हल चलाएं। नाइट्रोजन का पहला भाग — 30–35 kg/एकड़ — जल्दी डालें।
3
रोग की जाँच पहले
अगर पिछली फसल में लाल सड़न रोग था तो पेड़ी न लें — नई फसल लगाएं और किस्म बदलें।
📊
पेड़ी फसल की उपज मुख्य फसल की 70–80% तक हो सकती है — सही देखभाल की जाए तो।
🏭
कटाई और चीनी मिल भुगतान (SAP मूल्य)
✂️ कटाई का सही समय
फसल 10–12 महीने की हो जाए।
पत्तियाँ पीली पड़ने लगें, तना भारी दिखे।
गन्ने का रस: Brix 18–20% या अधिक हो।
चीनी मिल का पर्ची (परमिट) मिलते ही तुरंत काटें।
💰 SAP मूल्य 2025–26 (UP सरकार)
गन्ने का प्रकार
SAP मूल्य (₹/क्विंटल)
सामान्य प्रजाति
₹ 370
अगेती प्रजाति
₹ 380
अस्वीकृत / रोगग्रस्त
मिल अस्वीकार कर सकती है
⚠️
SAP मूल्य में बदलाव हो सकता है। अपडेट के लिए UP गन्ना विभाग की वेबसाइट या KrashiMitra मंडी भाव देखें।
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किसानों के लिए सरकारी सहायता
💧
ड्रिप/स्प्रिंकलर सब्सिडी
PM कृषि सिंचाई योजना के तहत 40–90% सब्सिडी। KVK से आवेदन करें।
🌱
बीज सब्सिडी
UP सरकार प्रमाणित गन्ना बीज पर 50% सब्सिडी — जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
🧪
मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड
मुफ्त मिट्टी जाँच और खाद सलाह। नजदीकी KVK या ATMA कार्यालय जाएं।
📞
किसान कॉल सेंटर
+91 9870951001 — निःशुल्क। KrashiMitra AI से भी कभी भी पूछ सकते हैं।
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निष्कर्ष
गन्ने की खेती एक लाभदायक व्यवसाय है — बशर्ते सही जानकारी हो। सही किस्म चुनें, बीज उपचार करें, समय पर खाद और सिंचाई दें, रोगों पर नजर रखें और SAP मूल्य की जानकारी रखें।
एक जागरूक किसान ही सफल किसान होता है। KrashiMitra आपके साथ हर कदम पर है।
❓
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1UP में गन्ने की बुवाई का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
बसंत कालीन बुवाई — फरवरी से मार्च — UP के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।
2एकड़ में कितना बीज (सेट) लगता है?
75–90 cm की दूरी पर बुवाई करने पर 25–30 क्विंटल प्रति एकड़ बीज चाहिए।
3गन्ने में यूरिया कब और कितना डालें?
बुवाई, 30 दिन और 90 दिन पर — तीन बार में। कुल 80–100 kg नाइट्रोजन प्रति एकड़।
4पेड़ी फसल कितने साल ली जा सकती है?
सामान्यत: 2 पेड़ी फसल तक ठीक रहती है। इसके बाद मुख्य फसल लगाएं और किस्म बदलें।
5गन्ने में लाल सड़न रोग की पहचान कैसे करें?
गन्ना काटने पर लाल-सफेद धारियाँ और खट्टी गंध आए तो यह रोग है। तुरंत उपचार करें।
6UP में गन्ने का SAP मूल्य 2025–26 कितना है?
सामान्य प्रजाति ₹370/क्विंटल और अगेती प्रजाति ₹380/क्विंटल। सरकारी घोषणा के अनुसार बदलाव संभव।
7Co-0238 किस्म क्यों लोकप्रिय है?
अधिक शर्करा (14–16%), लाल सड़न रोग प्रतिरोधी, जल्दी पकती है — इसीलिए UP में सबसे ज्यादा उगाई जाती है।
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