📞 कृषिमित्र हेल्पलाइन: +91 9870951001
🌽 फसल मार्गदर्शिका ☀️ खरीफ / रबी / जायद 📍 उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में मक्का की खेती — सम्पूर्ण गाइड Complete Maize Farming Guide for UP Farmers — Seed to Market

मक्का UP की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण अनाज फसल है। तीनों सीजन में उगाई जा सकती है — खरीफ, रबी और जायद। सही किस्म, खाद प्रबंधन और Fall Armyworm नियंत्रण से एक एकड़ में 25–35 क्विंटल उपज और ₹30,000+ मुनाफा संभव है।

✍️ KrashiMitra.in ⏱️ 8 मिनट पढ़ें 📅 2025–26
विज्ञापन · Advertisement
🌡️
21°–30°C
उपयुक्त तापमान
📅
जून–जुलाई
खरीफ बुवाई समय
🌱
8–10 किग्रा/एकड़
बीज की मात्रा (हाइब्रिड)
🌽
25–35 क्विं./एकड़
अनुमानित उपज
💧
5–7 बार
सिंचाई (खरीफ में कम)
90–110 दिन
फसल अवधि
📖

परिचय — UP में मक्का क्यों फायदेमंद है?

मक्का (Maize / Zea mays) उत्तर प्रदेश की एक बहुउपयोगी फसल है। यह मानव आहार, पशु चारा, पोल्ट्री फीड, स्टार्च, इथेनॉल और औद्योगिक कच्चे माल के रूप में उपयोग होती है। इसीलिए बाजार में माँग हमेशा बनी रहती है।

UP में मेरठ, बुलंदशहर, हाथरस, आगरा, मिर्जापुर, सोनभद्र और पूर्वांचल के कई जिलों में मक्का बड़े पैमाने पर उगाई जाती है। तीनों सीजन (खरीफ, रबी और जायद/वसंत) में खेती संभव होने से साल में तीन बार फसल ली जा सकती है।

🐔
पोल्ट्री माँग
भारत में पोल्ट्री उद्योग तेजी से बढ़ रहा है — मक्का पोल्ट्री फीड का 60% हिस्सा है। यह माँग मक्के के भाव को हमेशा स्थिर रखती है।
इथेनॉल उत्पादन
भारत सरकार 2025 तक 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखती है — मक्का इथेनॉल का प्रमुख स्रोत। चीनी मिलों की तरह मक्का की माँग भी बढ़ेगी।
💰
कम लागत — अच्छी आय
एक एकड़ में ₹18,000–₹22,000 की लागत में 25–35 क्विंटल उपज। MSP ₹2,225/क्विंटल और बाजार भाव ₹2,500+ पर ₹30,000+ शुद्ध मुनाफा।
🌿
मिट्टी सुधार
मक्का की जड़ें गहरी होती हैं जो मिट्टी की संरचना सुधारती हैं। फसल चक्र में मक्का जोड़ने से गेहूँ और धान की उत्पादकता भी बढ़ती है।
💰
मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) — खरीफ 2025-26
₹2,225 / क्विंटल
खुला बाजार: ₹2,000–₹2,800/क्विंटल | पोल्ट्री सीजन में ₹3,000+ तक संभव
⚠️ MSP पर बिक्री के लिए नजदीकी सरकारी खरीद केंद्र पर पंजीकरण जरूर करवाएं।

🌿

UP के लिए उपयुक्त मक्का की किस्में

UP में मुख्यतः हाइब्रिड किस्में सबसे अधिक उपज देती हैं। देसी किस्में कम लागत में उगती हैं लेकिन उपज कम होती है।

किस्म प्रकार सीजन अवधि (दिन) उपज (क्विं./एकड़) विशेषता
DKC-9108 (Dekalb) हाइब्रिड खरीफ 95–100 30–38 सर्वाधिक लोकप्रिय, FAW प्रतिरोधी, भारी उपज
DKC-7074 हाइब्रिड खरीफ/रबी 90–100 28–35 दोनों सीजन में उपयुक्त, कम सिंचाई
NK-6240 (Syngenta) हाइब्रिड खरीफ 95–105 28–34 रोग प्रतिरोधी, दाना बड़ा और चमकदार
Pusa Hybrid-5 हाइब्रिड (ICAR) खरीफ/जायद 90–95 22–28 सरकारी बीज — किफायती, KVK पर उपलब्ध
Ganga-11 कम्पोजिट खरीफ 85–90 18–24 देसी किस्म — बीज खुद रख सकते हैं, कम लागत
Vivek-9 (पहाड़ी) कम्पोजिट खरीफ 80–85 16–20 पहाड़ी क्षेत्र उपयुक्त, सूखा सहनशील
* हाइब्रिड बीज महंगा होता है (₹600–₹1,200/पैकेट) लेकिन उपज 40–60% अधिक। KVK या प्रमाणित दुकान से खरीदें।
💡
UP किसानों की पसंद: DKC-9108 पश्चिमी UP में और NK-6240 पूर्वांचल में सबसे लोकप्रिय हैं। हाइब्रिड बीज का बीज हर बार नया लेना पड़ता है — पिछले साल का बीज न बोएं, उपज घट जाती है।

🚜

बुवाई समय, खेत तैयारी और बीज उपचार

📅 बुवाई का सही समय — तीनों सीजन

सीजन बुवाई का समय कटाई UP में उपयुक्तता
खरीफ (मुख्य) जून दूसरा–तीसरा सप्ताह सितम्बर–अक्टूबर सर्वाधिक — पूरे UP में
रबी अक्टूबर दूसरा–तीसरा सप्ताह फरवरी–मार्च पश्चिमी UP — गेहूँ के विकल्प में
जायद/वसंत फरवरी–मार्च मई–जून सिंचित क्षेत्रों में — बाजार भाव अच्छे
1
गहरी जुताई और खेत तैयारी
मिट्टी पलटने वाले हल से एक बार गहरी जुताई करें। 2–3 हल्की जुताइयाँ करके मिट्टी भुरभुरी बनाएं। 10–12 टन गोबर की खाद प्रति एकड़ आखिरी जुताई से पहले मिलाएं।
2
बीज उपचार
बुवाई से पहले बीज को थीरम 2.5 ग्राम/किग्रा बीज से उपचारित करें। FAW से अतिरिक्त सुरक्षा के लिए Chlorpyrifos 20% EC 12 मिली/किग्रा बीज से भी उपचार करें।
3
बुवाई की दूरी और गहराई
कतार से कतार: 60–75 सेमी, पौधे से पौधे: 20–25 सेमी, बीज की गहराई 3–5 सेमी। सही दूरी से पौधों को हवा और रोशनी मिलती है — दाना मोटा और भारी बनता है।
4
बुवाई के बाद हल्की सिंचाई
खरीफ में मानसून पर निर्भर करें — बुवाई मानसून के साथ करें। रबी और जायद में बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई दें ताकि जमाव एकसमान हो।

🧪

खाद प्रबंधन — मक्के की भूख बड़ी है

मक्का नाइट्रोजन की भूखी फसल है। अपर्याप्त नाइट्रोजन से पत्तियाँ पीली, दाना पतला और उपज कम होती है। तीन किस्तों में यूरिया देना सबसे प्रभावी तरीका है।

पोषक तत्व कुल मात्रा (किग्रा/एकड़) बुवाई के समय 30–35 दिन बाद 55–60 दिन बाद
नाइट्रोजन (N) 60–80 किग्रा ⅓ भाग (DAP से) ⅓ भाग (यूरिया) ⅓ भाग (यूरिया)
फास्फोरस (P) 25–30 किग्रा पूरा — DAP 50 किग्रा
पोटाश (K) 25 किग्रा पूरा — MOP 42 किग्रा
जिंक (Zn) 10 किग्रा जिंक सल्फेट — आखिरी जुताई में
* मक्के में कुल यूरिया 130–175 किग्रा/एकड़ — तीन बराबर किस्तों में। एक साथ न डालें।
🌽
तीसरी किस्त का महत्व: मक्के में 55–60 दिन की अवस्था (Tasseling/Silking) — यानी नर और मादा फूल आने का समय — सबसे संवेदनशील है। इस समय तीसरी यूरिया किस्त देने से दाना भरने की प्रक्रिया में तेजी आती है और उपज 20–25% बढ़ सकती है।

विज्ञापन · Advertisement

💧

सिंचाई प्रबंधन

खरीफ मक्का मानसून पर निर्भर करती है — अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं। रबी और जायद में नियमित सिंचाई जरूरी है। मक्के की तीन Critical Stages पर पानी अनिवार्य है:

सिंचाई अवस्था महत्व
पहली बुवाई के 15–20 दिन बाद (Knee Height) पौधे की प्रारंभिक वृद्धि — रबी/जायद में अनिवार्य
दूसरी ⭐ 55–60 दिन — Tasseling (नर फूल) सबसे महत्वपूर्ण — पानी की कमी = 30–40% उपज हानि
तीसरी ⭐ 65–70 दिन — Silking (रेशम धागे) अनिवार्य — दाना भरने की शुरुआत
चौथी–सातवीं हर 12–15 दिन — Grain Filling तक दाने का वजन और चमक बढ़ती है
* खरीफ में बारिश पर्याप्त हो तो सिंचाई कम। Tasseling/Silking के समय बारिश न हो तो जरूर सिंचाई करें।
🚨
Tasseling के समय सूखा — सबसे बड़ा खतरा: अगर Tasseling/Silking के 5–7 दिन के भीतर पानी नहीं मिला तो परागण (Pollination) विफल हो जाता है — भुट्टे में दाने नहीं भरते, उपज 30–40% तक गिर सकती है। इस अवस्था पर किसी भी कीमत पर सिंचाई करें।

🔍

रोग और कीट नियंत्रण — FAW सबसे बड़ा खतरा

Fall Armyworm मक्का
Fall Armyworm (FAW) — मक्के का सबसे खतरनाक कीट। भुट्टे के अंदर पत्तियाँ खाता है — शुरुआत में छोटे छिद्र और भूसे जैसा मल दिखता है

🐛 Fall Armyworm (FAW) — Spodoptera frugiperda

FAW 2018 में भारत में पहुँचा और तब से UP सहित पूरे देश में मक्के की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। एक FAW लार्वा 7 दिनों में एक पूरी पत्ती खा सकता है — इसीलिए तुरंत पहचान और उपचार जरूरी है।

🔍
FAW की पहचान
पत्तियों में छोटे-छोटे छिद्र और भूसे जैसा मल (Frass)। भुट्टे के ऊपर गड्ढे। लार्वा के सिर पर उल्टा Y आकार।
🌿
जैविक नियंत्रण
Bt (Bacillus thuringiensis) 2 ग्राम/लीटर या NPV (Nuclear Polyhedrosis Virus) का पत्तियों पर छिड़काव। सुबह या शाम करें।
💊
रासायनिक नियंत्रण
Emamectin Benzoate 5% SG 0.4 ग्राम/लीटर सबसे प्रभावी। या Chlorantraniliprole 18.5% SC 0.4 मिली/लीटर।
🪤
Pheromone Trap
एकड़ में 4–5 FAW Pheromone Trap लगाएं — कीट की निगरानी करें। 5+ कीट/ट्रैप/रात मिलें तो छिड़काव करें।

🌾 अन्य प्रमुख रोग और कीट

रोग/कीट लक्षण उपाय
तना सड़न (Stalk Rot) तना अंदर से खोखला, पत्तियाँ सूखती हैं, पौधा झुकता है जल-निकासी सुधारें, Carbendazim 1 ग्राम/लीटर छिड़काव
पत्ती झुलसा (Leaf Blight) पत्तियों पर भूरे-काले लम्बे धब्बे Mancozeb 2.5 ग्राम/लीटर या Propiconazole 1 मिली/लीटर
तना बेधक (Stem Borer) तने में छेद, Dead Heart, पत्ती में छोटे छिद्र Chlorpyrifos 2.5 मिली/लीटर पानी में घोलकर छिड़काव
पत्ती माहू (Aphid) पत्तियों पर छोटे हरे कीट, मधुरस (Honeydew) Imidacloprid 0.5 मिली/लीटर का छिड़काव
भुट्टे का फफूंद (Smut) भुट्टे पर काले-भूरे ट्यूमर जैसे उभार रोगग्रस्त भुट्टे नष्ट करें, बीज उपचार करें
* FAW के लिए सुबह 6–9 बजे छिड़काव करें — लार्वा पत्ती के अंदर रहता है, पर सुबह बाहर आता है।

क्या करें — क्या न करें

✅ यह जरूर करें
  • हाइब्रिड बीज हर बार नया खरीदें
  • बीज उपचार — थीरम + Chlorpyrifos
  • यूरिया तीन किस्तों में दें
  • Tasseling पर सिंचाई अनिवार्य
  • FAW के लिए Pheromone Trap लगाएं
  • जिंक सल्फेट — दाना भारी होगा
  • पकने पर ही कटाई — नमी 25% से कम
❌ यह गलती न करें
  • हाइब्रिड का पुराना बीज न बोएं
  • पूरी यूरिया एक बार न डालें
  • Tasseling में पानी की कमी न होने दें
  • FAW को शुरू में नजरअंदाज न करें
  • खड़ी फसल में भारी सिंचाई न दें
  • कच्चा (नम) मक्का भंडारित न करें
  • एक ही कीटनाशक बार-बार न छिड़कें

विज्ञापन · Advertisement

🌽

कटाई, सुखाई और भंडारण

  • कटाई का समय: भुट्टे की पत्तियाँ पूरी तरह सूख जाएं और दाने कठोर हो जाएं। दाने में नमी 25% से कम हो तो कटाई करें।
  • सुखाना: कटाई के बाद भुट्टों को 7–10 दिन तक अच्छी धूप में फैलाकर सुखाएं। दाने में नमी 12–14% तक आने दें — तभी भंडारित करें।
  • मड़ाई: Maize Sheller मशीन से दाना निकालें — ट्रैक्टर PTO-operated Sheller उपलब्ध हैं।
  • भंडारण: साफ, सूखे बोरों में भंडारित करें। Aluminium Phosphide Tablet (एक टैबलेट प्रति टन) डालें — घुन से बचाव।

💰 लागत और आय — प्रति एकड़ अनुमान

मदअनुमानित खर्च
बीज (हाइब्रिड)₹1,200–₹1,800
खाद (DAP + यूरिया + MOP + जिंक)₹5,000–₹6,500
जुताई + बुवाई₹3,000–₹4,000
सिंचाई₹2,000–₹3,000
कीटनाशक (FAW + अन्य)₹2,000–₹3,000
कटाई + Shelling + परिवहन₹3,500–₹4,500
कुल लागत₹16,700–₹22,800
आय (30 क्विं. × ₹2,300)₹69,000
शुद्ध मुनाफा₹46,000–₹52,000
* हाइब्रिड किस्म, उचित खाद और FAW नियंत्रण के साथ। भाव ₹2,225 MSP से ₹2,800 बाजार भाव के बीच।

📋

निष्कर्ष

मक्का UP के किसानों के लिए एक बहुउपयोगी, कम अवधि और अच्छे मुनाफे वाली फसल है। सही हाइब्रिड बीज, तीन किस्तों में यूरिया, Tasseling पर सिंचाई और Fall Armyworm की निगरानी — ये चार आदतें आपकी मक्का की खेती को अत्यंत लाभदायक बना सकती हैं।

तैयार किसान — समृद्ध किसान।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1UP में मक्का बोने का सबसे सही समय कौन सा है?
खरीफ मक्का के लिए जून का दूसरा–तीसरा सप्ताह — मानसून आने के साथ। रबी के लिए अक्टूबर का दूसरा–तीसरा सप्ताह। जायद (वसंत) मक्का के लिए फरवरी–मार्च
2मक्का में Fall Armyworm कैसे पहचानें और रोकें?
पत्तियों में छोटे छिद्र और भूसे जैसा मल (Frass) — FAW की पहचान। लार्वा के सिर पर उल्टा Y। Emamectin Benzoate 5% SG 0.4 ग्राम/लीटर सबसे असरदार दवा है। सुबह 6–9 बजे छिड़काव करें।
3मक्का में यूरिया कब और कितना डालें?
कुल 130–175 किग्रा यूरिया/एकड़तीन बराबर किस्तों में: (1) बुवाई के समय, (2) 30–35 दिन बाद, (3) 55–60 दिन बाद (Tasseling पर)। एक साथ कभी न डालें।
4मक्का का MSP 2025-26 में क्या है?
खरीफ 2025-26 में मक्का का MSP ₹2,225 प्रति क्विंटल है। खुले बाजार में ₹2,000–₹2,800 और पोल्ट्री सीजन में ₹3,000+ तक मिल सकता है।
5हाइब्रिड मक्का का बीज क्यों हर बार नया लेना पड़ता है?
हाइब्रिड बीज F1 Generation होता है। इसकी अगली पीढ़ी (F2) में उपज और एकसमानता घट जाती है — कभी-कभी 30–40% तक। इसलिए हर सीजन नया प्रमाणित बीज ही बोएं।
6Tasseling के समय क्या सावधानी रखें?
Tasseling/Silking (55–70 दिन) पर पानी की कमी न हो — यह सबसे संवेदनशील समय है। तीसरी यूरिया किस्त दें। इस समय कोई भी कीटनाशक न छिड़कें — Pollination प्रभावित हो सकता है।
7मक्का को कितनी नमी पर भंडारित करें?
दाने में नमी 12–14% पर ही भंडारण करें। अधिक नमी पर फफूंद (Aflatoxin) लग जाती है जो दाने को जहरीला बना देती है। Moisture Meter से नमी जाँचें।
8DKC-9108 और NK-6240 में कौन सी किस्म बेहतर है?
DKC-9108 — खरीफ में भारी उपज (30–38 क्विं./एकड़), FAW प्रतिरोधी, पश्चिमी UP में लोकप्रिय। NK-6240 — रोग प्रतिरोधी, दाना बड़ा और चमकदार, पूर्वांचल में अधिक उपयुक्त। दोनों उत्कृष्ट हैं।
🌽

KrashiMitra.in — मक्का की हर समस्या का हल

FAW नियंत्रण, खाद सलाह, मंडी भाव, मौसम — हिंदी में, मुफ्त, 24×7

AI कृषि सहायक से बात करें →
📰 संबंधित लेख सभी लेख देखें →
AI सहायक AI सहायक