📖
भूमिका
खाद की दुकान पर बोरों पर लिखे नंबर — 12:32:16, 10:26:26, 20:20:0:13, 19:19:19 — ज़्यादातर किसानों के लिए पहेली जैसे होते हैं। दुकानदार जो पकड़ा दे, वही ले आते हैं। और यहीं सबसे ज़्यादा पैसा बर्बाद होता है, क्योंकि गलत ग्रेड का मतलब है ऐसे तत्व के पैसे देना जिसकी आपके खेत को ज़रूरत ही नहीं थी।
अच्छी खबर यह है कि इन नंबरों को समझना बहुत आसान है — बस एक बार समझ लेने की बात है। इस लेख में हम यही करेंगे: नंबरों का सीधा मतलब, बोरे में असल में कितना तत्व है इसका हिसाब, कौन सा ग्रेड किस फसल के लिए है, और वह गणित जिससे आप खुद तय कर सकें कि दुकानदार जो दे रहा है वह आपके खेत के लिए सही है या नहीं।
🔢
नंबरों का मतलब — एक बार समझ लीजिए
बोरे पर लिखे नंबर प्रतिशत बताते हैं, हमेशा इसी क्रम में:
- पहला नंबर = N (नाइट्रोजन) — हरियाली और बढ़वार
- दूसरा नंबर = P₂O₅ (फॉस्फोरस) — जड़, फूल और दाना
- तीसरा नंबर = K₂O (पोटाश) — मज़बूती, रोग-प्रतिरोध, दाने की चमक
- चौथा नंबर (अगर हो) = S (गंधक) — तेल और प्रोटीन
यानी 12:32:16 का मतलब है — 12% नाइट्रोजन, 32% फॉस्फोरस, 16% पोटाश। अब 50 किलो के बोरे में असल में कितना तत्व है, यह निकालना बहुत आसान है:
💡
सूत्र: बोरे का वज़न × प्रतिशत ÷ 100
12:32:16 के 50 किलो बोरे में = 6 किलो N (50×12÷100), 16 किलो P₂O₅ (50×32÷100), 8 किलो K₂O (50×16÷100)। बाकी 20 किलो भराव (फिलर) और दूसरे यौगिक हैं — हर खाद में होता है, यह मिलावट नहीं है।
📋
कौन सा ग्रेड किस फसल के लिए
| ग्रेड | 50 किलो बोरे में | किसके लिए सबसे उपयुक्त |
| 12:32:16 |
6 किलो N · 16 किलो P · 8 किलो K |
सबसे बहुउपयोगी आधार खुराक — गेहूं, धान, मक्का, कपास, सब्ज़ियाँ |
| 10:26:26 |
5 किलो N · 13 किलो P · 13 किलो K |
जहाँ पोटाश ज़्यादा चाहिए — आलू, गन्ना, केला, दलहन |
| 20:20:0:13 |
10 किलो N · 10 किलो P · 0 K · 6.5 किलो गंधक |
जहाँ पोटाश पर्याप्त है पर गंधक चाहिए — सरसों, सोयाबीन, मूंगफली |
| 15:15:15 |
7.5 किलो प्रत्येक |
संतुलित आधार खुराक, सब्ज़ी व बागवानी में आम |
| 19:19:19 (पानी में घुलनशील) |
9.5 किलो प्रत्येक |
ड्रिप/स्प्रे के लिए — खड़ी फसल में, कम मात्रा में; महँगा |
| DAP 18:46:0 |
9 किलो N · 23 किलो P · 0 K |
सिर्फ फॉस्फोरस-नाइट्रोजन; गंधक और पोटाश नहीं |
💡
"कॉम्प्लेक्स" और "मिक्सचर" एक चीज़ नहीं हैं। कॉम्प्लेक्स खाद में हर दाने के अंदर तीनों तत्व रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं — इसलिए खेत में हर पौधे को सब कुछ बराबर मिलता है। मिक्सचर सिर्फ अलग-अलग खादों को मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें दाने अलग-अलग रहते हैं और डालते समय बँटवारा असमान हो सकता है। बोरे पर "Complex" लिखा देखिए।
🧮
असली हिसाब — संस्तुति से बोरों तक
कृषि विभाग की संस्तुति हमेशा तत्व में होती है (जैसे "गेहूं के लिए 120:60:40 किलो प्रति हेक्टेयर"), जबकि दुकान पर मिलते हैं बोरे। बीच का यह अनुवाद ही वह जगह है जहाँ किसान अटकता है। तरीका यह है:
- पहले फॉस्फोरस पूरा कीजिए — क्योंकि P देने वाली खाद (DAP/SSP/कॉम्प्लेक्स) के साथ कुछ N अपने आप आ जाती है।
- फिर पोटाश पूरा कीजिए — MOP से, अगर कॉम्प्लेक्स से पूरा न हुआ हो।
- सबसे आखिर में नाइट्रोजन — जितनी कमी बची है, उसे यूरिया से पूरा कीजिए। यूरिया में 46% N होता है, यानी 50 किलो बोरे में 23 किलो N।
- यूरिया को किश्तों में दीजिए — पूरी मात्रा एक साथ कभी नहीं। फॉस्फोरस और पोटाश आम तौर पर बुवाई के समय पूरे दे दिए जाते हैं।
एक उदाहरण से देखिए। मान लीजिए आपके खेत के लिए संस्तुति है प्रति एकड़ 48 किलो N, 24 किलो P और 16 किलो K:
| क़दम | क्या डाला | क्या मिला |
| 1. फॉस्फोरस | 12:32:16 के लगभग 1.5 बोरे (75 किलो) | 24 किलो P · 12 किलो K · 9 किलो N |
| 2. पोटाश | K लगभग पूरा हो गया | बाकी 4 किलो K — ज़रूरत हो तो थोड़ा MOP |
| 3. नाइट्रोजन | बची हुई 39 किलो N के लिए यूरिया लगभग 85 किलो | 39 किलो N — 2–3 किश्तों में |
⚠️
यह सिर्फ हिसाब लगाने का तरीका समझाने के लिए एक उदाहरण है, आपके खेत की संस्तुति नहीं। असली मात्रा आपकी मिट्टी जाँच रिपोर्ट, फसल, किस्म और क्षेत्र पर निर्भर करती है। अपना मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाइए और अपने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या ज़िला कृषि अधिकारी से अपने खेत की संस्तुति लीजिए — फिर ऊपर वाले तरीके से बोरों में बदल लीजिए।
🏁
निष्कर्ष
तीन बातें याद रखिए। पहली — नंबर प्रतिशत हैं, और बोरे में तत्व निकालने का सूत्र सिर्फ "वज़न × प्रतिशत ÷ 100" है। दूसरी — क्रम यह है: पहले फॉस्फोरस, फिर पोटाश, आखिर में यूरिया से नाइट्रोजन। तीसरी — ग्रेड फसल देखकर चुनिए: सरसों-सोयाबीन के लिए गंधक वाला, आलू-गन्ने के लिए पोटाश वाला, और आम फसलों के लिए 12:32:16।
जिस दिन आप बोरे पर लिखे नंबर खुद पढ़ लेंगे, उस दिन से दुकानदार आपको वह खाद नहीं दे पाएगा जिसकी आपको ज़रूरत नहीं है।
❓
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
112:32:16 खाद का मतलब क्या होता है?
इसका मतलब है 12% नाइट्रोजन, 32% फॉस्फोरस (P₂O₅) और 16% पोटाश (K₂O)। यानी 50 किलो के बोरे में 6 किलो नाइट्रोजन, 16 किलो फॉस्फोरस और 8 किलो पोटाश मिलता है। बाकी वज़न भराव और दूसरे यौगिकों का होता है — यह हर खाद में होता है और मिलावट नहीं है।
2बोरे में कितना तत्व है, यह कैसे निकालें?
सूत्र बहुत आसान है — बोरे का वज़न × प्रतिशत ÷ 100। जैसे 50 किलो के 10:26:26 बोरे में नाइट्रोजन = 50×10÷100 = 5 किलो, फॉस्फोरस = 50×26÷100 = 13 किलो, और पोटाश भी 13 किलो। इसी तरह यूरिया (46% N) के 50 किलो बोरे में 23 किलो नाइट्रोजन होती है।
3कौन सा NPK ग्रेड किस फसल के लिए सही है?
12:32:16 सबसे बहुउपयोगी आधार खुराक है — गेहूं, धान, मक्का, कपास और सब्ज़ियों के लिए। 10:26:26 वहाँ जहाँ पोटाश ज़्यादा चाहिए — आलू, गन्ना, केला। 20:20:0:13 तिलहन के लिए, क्योंकि इसमें गंधक है और पोटाश नहीं। 19:19:19 पानी में घुलनशील है और सिर्फ ड्रिप या छिड़काव के लिए है।
4कॉम्प्लेक्स खाद और मिक्सचर में क्या फर्क है?
कॉम्प्लेक्स खाद में हर दाने के अंदर तीनों तत्व रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं, इसलिए खेत में हर पौधे को सब कुछ बराबर मिलता है। मिक्सचर सिर्फ अलग-अलग खादों को भौतिक रूप से मिलाकर बनता है, जिसमें दाने अलग-अलग रहते हैं और डालते समय बँटवारा असमान हो सकता है। खरीदते समय बोरे पर "Complex" लिखा देखें।
5NPK कॉम्प्लेक्स खाद कब डालनी चाहिए?
दानेदार कॉम्प्लेक्स आधार खुराक (बेसल डोज़) है — बुवाई के समय, मिट्टी में मिलाकर या कूँड़ में। इसे खड़ी फसल में ऊपर से छिड़कना गलती है, क्योंकि इसमें मौजूद फॉस्फोरस ऐसे में लगभग बेकार चला जाता है। सिर्फ 19:19:19 जैसी पानी में घुलनशील खाद ही खड़ी फसल में ड्रिप या छिड़काव से दी जाती है।
6संस्तुति को बोरों में कैसे बदलें?
क्रम यह रखें — पहले फॉस्फोरस पूरा करें (कॉम्प्लेक्स/DAP/SSP से; इसके साथ कुछ नाइट्रोजन अपने आप आ जाती है), फिर पोटाश (ज़रूरत हो तो MOP से), और आखिर में बची हुई नाइट्रोजन यूरिया से, वह भी 2–3 किश्तों में। फॉस्फोरस और पोटाश आम तौर पर बुवाई के समय पूरे दे दिए जाते हैं।
7क्या हर खेत में पोटाश वाली खाद ज़रूरी है?
नहीं। भारत की कई मिट्टियों में पोटाश पहले से पर्याप्त होता है, और ऐसे खेत में पोटाश वाला महँगा ग्रेड लेना सीधा पैसे का नुकसान है। यह सिर्फ मिट्टी जाँच से पता चलता है — इसीलिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाना खाद के खर्च में सबसे बड़ी बचत है।
8NPK खाद का भंडारण कैसे करें?
सूखी और हवादार जगह पर, ज़मीन से ऊपर लकड़ी के पटरे या पॉलीथिन पर, दीवार से सटाकर नहीं। ज़्यादातर कॉम्प्लेक्स खाद नमी खींचकर ढेला बन जाती है, जिससे डालना मुश्किल हो जाता है। खुला बोरा तेज़ी से नमी पकड़ता है, इसलिए खोलने के बाद जल्दी उपयोग करें।