📞 कृषिमित्र हेल्पलाइन: +91 9870951001
🗓️ रोपाई 15 जुलाई – 31 अगस्त 📍 महाराष्ट्र · MP · कर्नाटक · गुजरात 🦠 बैंगनी धब्बा · थ्रिप्स

खरीफ प्याज की खेती और भंडारण Kharif Onion Cultivation & Storage — Complete Guide

खरीफ प्याज पर अक्टूबर–दिसंबर की पूरी सप्लाई टिकी है, पर इसे बारिश, जलभराव, बैंगनी धब्बा और थ्रिप्स — चारों एक साथ झेलने पड़ते हैं। रोपाई का सही समय 15 जुलाई से 31 अगस्त है।

✍️ Kunal Rajput — KrashiMitra ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 जुलाई 2026

बरसात में प्याज उगाने का पूरा गणित

🏚️
30–40%
भंडारण में नुकसान
🛏️
15 से.मी.
क्यारी की ऊँचाई
🗓️
6–7 हफ्ते
रोपाई के समय पौध की उम्र
📖

भूमिका

खरीफ प्याज वह फसल है जिस पर अक्टूबर-दिसंबर में पूरे देश की प्याज की सप्लाई टिकी होती है — और यही वह समय है जब बाज़ार में भाव सबसे ज़्यादा उछलता है। लेकिन खरीफ प्याज उगाना रबी प्याज से कहीं ज़्यादा मुश्किल है, क्योंकि इसे बरसात, जलभराव, बैंगनी धब्बा रोग और थ्रिप्स — चारों एक साथ झेलने पड़ते हैं।

खरीफ प्याज की रोपाई का सही समय 15 जुलाई से 31 अगस्त तक है, जब पौध 6–7 हफ्ते की हो जाए। यानी अभी का महीना ही इस फसल का सबसे अहम फैसला लेने का समय है। और एक बात जो शुरू में ही साफ कर देनी चाहिए — खरीफ प्याज भंडारण की फसल नहीं है। इसकी गर्दन मोटी और नमी ज़्यादा रहती है, इसलिए यह जल्दी सड़ती है। लंबे भंडारण के लिए रबी की प्याज होती है। इस लेख में खरीफ प्याज की सही किस्म, उठी हुई क्यारी (रेज़्ड बेड) की तकनीक, बैंगनी धब्बा और थ्रिप्स का इलाज, और भंडारण में 30–40% तक होने वाले नुकसान को घटाने का तरीका — आसान हिंदी में।


विज्ञापन
📊

खरीफ प्याज और रबी प्याज — फर्क समझ लीजिए

यही फर्क न समझने से हर साल हज़ारों किसान खरीफ की प्याज भंडार में डालकर उसे सड़ते हुए देखते हैं।

बातखरीफ प्याजरबी प्याज
रोपाई का समय15 जुलाई – 31 अगस्तदिसंबर – जनवरी
कटाईअक्टूबर – दिसंबरअप्रैल – मई
मुख्य मकसदतुरंत बाज़ार में बिक्रीभंडारण और साल भर की सप्लाई
भंडारण क्षमताबहुत कम — गर्दन मोटी, नमी ज़्यादा4–6 महीने तक
मुख्य खतराजलभराव, बैंगनी धब्बा, थ्रिप्सबेमौसम बारिश, ओले
भावआमतौर पर ऊँचा (कम सप्लाई का समय)कटाई के समय अक्सर नीचे
💡
खरीफ प्याज का पूरा गणित ही अलग है। यह फसल भंडारण के लिए नहीं, उस खिड़की में बेचने के लिए उगाई जाती है जब मंडी में प्याज कम होती है। इसलिए इसमें उपज से ज़्यादा ज़रूरी है फसल का समय पर और बिना सड़े मंडी तक पहुँचना

🌱

खरीफ के लिए सही किस्म

हर प्याज की किस्म खरीफ में नहीं चलती। बरसात के मौसम में वही किस्में टिकती हैं जो कम दिन की रोशनी में भी गाँठ बना लें और जिनमें बैंगनी धब्बा तथा थ्रिप्स सहने की क्षमता हो।

⚠️
किस्मों का प्रदर्शन ज़िले की मिट्टी, बारिश और दिन की लंबाई के अनुसार बहुत बदलता है, और अनुशंसित सूची हर साल संशोधित होती है। बीज खरीदने से पहले अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या उद्यान विभाग से इस साल की सूची ज़रूर लें, और प्रमाणित बीज ही खरीदकर बिल रखें।

🛏️

उठी हुई क्यारी — खरीफ प्याज की सबसे बड़ी तकनीक

खरीफ प्याज में सबसे ज़्यादा नुकसान बीमारी से नहीं, खेत में पानी ठहरने से होता है। प्याज की जड़ें उथली होती हैं और 24 घंटे का जलभराव भी गाँठ को सड़ा देता है। इसका इलाज एक ही है — समतल खेत में नहीं, उठी हुई क्यारी (रेज़्ड बेड) पर रोपाई


विज्ञापन
🦠

बैंगनी धब्बा और थ्रिप्स — खरीफ के दो बड़े दुश्मन

बैंगनी धब्बा (Purple Blotch) की पहचान है — पत्ती पर पहले छोटे सफेद-धँसे धब्बे, जो बढ़कर बीच से बैंगनी और किनारे से पीले हो जाते हैं। धब्बे वाली जगह से पत्ती मुड़कर टूट जाती है। लगातार नमी और बादल इसे तेज़ी से फैलाते हैं।

थ्रिप्स बहुत छोटे कीट होते हैं जो पत्ती के अंदर वाले हिस्से (गोभ) में छिपकर रस चूसते हैं। पहचान है पत्तियों पर चाँदी जैसी सफेद लकीरें और पत्ती का टेढ़ा-मुड़ा दिखना। थ्रिप्स सूखे-गर्म दिनों में तेज़ी से बढ़ते हैं।

समस्यापहचानआमतौर पर सिफ़ारिश की जाने वाली दवा
बैंगनी धब्बापत्ती पर बीच से बैंगनी, किनारे से पीले धब्बेमैंकोज़ेब 75% WP लगभग 2 ग्राम/लीटर, या अनुशंसित ट्राइएज़ोल फफूंदनाशी
थ्रिप्सपत्तियों पर चाँदी जैसी लकीरें, गोभ में छिपे कीटअनुशंसित थ्रिप्स-नाशी (जैसे फिप्रोनिल या स्पिनोसैड आधारित), लेबल के अनुसार
जड़/गाँठ सड़नपौधा पीला होकर गिरना, गाँठ का निचला हिस्सा गलाजल निकासी + ट्राइकोडर्मा/अनुशंसित फफूंदनाशी की ड्रेंचिंग
आर्द्रगलन (नर्सरी में)पौध ज़मीन के पास से गलकर गिरनाउठी हुई नर्सरी + बीज उपचार
💡
प्याज पर छिड़काव का सबसे ज़रूरी नियम — स्टिकर मिलाएँ। प्याज की पत्ती चिकनी और मोमी होती है, इसलिए दवा का घोल उस पर टिकता ही नहीं, बूँदें लुढ़ककर गिर जाती हैं। घोल में चिपकने वाला पदार्थ (स्टिकर/स्प्रेडर) मिलाना उसी दवा का असर कई गुना बढ़ा देता है। यह एक छोटी बात हर साल हज़ारों रुपये की दवा बर्बाद होने से बचाती है।
⚠️
ऊपर दी गई मात्राएँ सामान्य अनुशंसा हैं। खरीदने से पहले डिब्बे के लेबल पर "प्याज" और लक्षित रोग/कीट का नाम लिखा है या नहीं ज़रूर देखें, और अंतिम मात्रा तथा छिड़काव का समय अपने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या उद्यान विभाग से पुष्टि करके तय करें। कटाई से पहले की प्रतीक्षा अवधि (PHI) का पालन ज़रूर करें — प्याज सीधे खाने वाली फसल है।

🧺

कटाई और क्योरिंग — भंडारण की असली तैयारी

प्याज कब निकालें, यह पत्तियों से तय होता है: जब 50–70% पौधों की गर्दन मुड़कर पत्तियाँ गिरने लगें, तब कटाई का सही समय है। इससे बहुत पहले निकालने पर गाँठ कच्ची रहती है और बहुत देर करने पर दोबारा जड़ें निकलने लगती हैं।


🏚️

भंडारण — 30–40% नुकसान कैसे घटाएँ

भंडारण में प्याज का नुकसान तीन रास्तों से होता है — सड़न, अंकुरण, और वज़न का सूखना। सामान्य देसी भंडार गृहों में यह कुल नुकसान 30–40% तक पहुँच जाता है। इसे घटाने के नियम सीधे हैं:


🚫

ये गलतियाँ कभी न करें


🗓️

खरीफ प्याज का कैलेंडर

समयज़रूरी काम
मई – जूनउठी हुई क्यारी पर नर्सरी; बीज उपचार; KVK से किस्म की पुष्टि
15 जुलाई – 31 अगस्तरोपाई — 6–7 हफ्ते की पौध, 15 से.मी. ऊँची क्यारी, 15×10 से.मी. दूरी
रोपाई + 15–45 दिनखरपतवार नियंत्रण, नाली की सफाई, थ्रिप्स की निगरानी
अगस्त – सितंबरबैंगनी धब्बा के लिए बचावी छिड़काव — घोल में स्टिकर ज़रूर मिलाएँ
गाँठ बनने की अवस्थानाइट्रोजन बंद करें; पानी नियंत्रित रखें
अक्टूबर – दिसंबर50–70% गर्दन गिरने पर कटाई; खेत में और छाया में क्योरिंग
कटाई के बाद2–2.5 से.मी. गर्दन छोड़कर कटाई, छँटाई, हवादार भंडार; हर 15–20 दिन पर दोबारा छँटाई

निष्कर्ष

खरीफ प्याज में मुनाफा उपज से नहीं, फसल को सड़ने से बचाने से आता है। तीन बातें याद रखें: उठी हुई क्यारी और पक्की नाली बनाएँ, हर छिड़काव में स्टिकर मिलाएँ, और क्योरिंग पूरी किए बिना एक भी गाँठ भंडार में न डालें

खरीफ की प्याज बेचने के लिए होती है, रोकने के लिए नहीं — यही इस फसल का पूरा गणित है।

विज्ञापन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1खरीफ प्याज की रोपाई का सही समय क्या है?
खरीफ प्याज की रोपाई का सही समय 15 जुलाई से 31 अगस्त तक है, और उस समय पौध 6–7 हफ्ते की तथा पेंसिल जितनी मोटी होनी चाहिए। इससे ज़्यादा पुरानी पौध लगाने पर बोल्टिंग (डंठल निकलना) बढ़ जाती है और गाँठ ठीक से नहीं बनती।
2खरीफ प्याज के लिए कौन सी किस्में अच्छी हैं?
खरीफ के लिए आमतौर पर एग्रीफाउंड डार्क रेड, N-53, बसवंत-780, अर्का कल्याण तथा ICAR-DOGR, राजगुरुनगर की भीमा सुपर, भीमा डार्क रेड, भीमा रेड और भीमा राज जैसी किस्में उगाई जाती हैं। किस्मों का प्रदर्शन ज़िले के अनुसार बदलता है, इसलिए बीज खरीदने से पहले अपने KVK या उद्यान विभाग से इस साल की सूची ज़रूर लें।
3क्या खरीफ की प्याज को लंबे समय तक भंडारित किया जा सकता है?
नहीं — खरीफ प्याज भंडारण की फसल नहीं है। इसकी गर्दन मोटी और नमी ज़्यादा रहती है, इसलिए यह जल्दी सड़ती है। लंबे भंडारण (4–6 महीने) के लिए रबी की प्याज रखी जाती है। खरीफ की फसल इसी मकसद से उगाई जाती है कि अक्टूबर–दिसंबर की कम सप्लाई वाली खिड़की में जल्दी बेची जाए।
4खरीफ प्याज में उठी हुई क्यारी क्यों ज़रूरी है?
क्योंकि प्याज की जड़ें उथली होती हैं और 24 घंटे का जलभराव भी गाँठ को सड़ा देता है। लगभग 15 से.मी. ऊँची क्यारी और दोनों तरफ नाली बनाने से बारिश का पानी तुरंत निकल जाता है और गाँठ पानी में नहीं बैठती। खरीफ प्याज में यह अकेली तकनीक सबसे ज़्यादा नुकसान बचाती है।
5प्याज पर छिड़काव करने पर दवा असर क्यों नहीं करती?
क्योंकि प्याज की पत्ती चिकनी और मोमी होती है, जिस पर घोल की बूँदें टिकती नहीं और लुढ़ककर गिर जाती हैं। इसका आसान हल है — हर छिड़काव के घोल में चिपकने वाला पदार्थ (स्टिकर/स्प्रेडर) मिलाना। इससे उसी दवा का असर कई गुना बढ़ जाता है।
6प्याज में बैंगनी धब्बा रोग की पहचान और इलाज क्या है?
पहचान है — पत्ती पर पहले छोटे सफेद-धँसे धब्बे, जो बढ़कर बीच से बैंगनी और किनारे से पीले हो जाते हैं, और वहीं से पत्ती मुड़कर टूट जाती है। बचाव के लिए आमतौर पर मैंकोज़ेब 75% WP लगभग 2 ग्राम/लीटर या अनुशंसित ट्राइएज़ोल फफूंदनाशी का छिड़काव किया जाता है, हमेशा स्टिकर मिलाकर। लेबल और मात्रा की पुष्टि अपने KVK से करें।
7प्याज की कटाई कब करनी चाहिए?
जब 50–70% पौधों की गर्दन मुड़कर पत्तियाँ गिरने लगें, तब कटाई का सही समय होता है। बहुत जल्दी निकालने पर गाँठ कच्ची रहती है और बहुत देर करने पर दोबारा जड़ें निकलने लगती हैं। कटाई के बाद खेत में और फिर छाया में क्योरिंग ज़रूरी है, और गर्दन गाँठ से 2–2.5 से.मी. ऊपर काटनी चाहिए।
8भंडारण में प्याज सड़ने से कैसे बचाएँ?
सामान्य भंडार में नुकसान 30–40% तक पहुँच जाता है। इसे घटाने के लिए — भंडार में दीवार और फर्श दोनों तरफ से हवा गुज़रे, ढेर पतला रखें, प्याज को सीधे ज़मीन पर नहीं बल्कि लकड़ी/जाली के प्लेटफॉर्म पर रखें, टिन की छत की सीधी गर्मी से बचाएँ, और हर 15–20 दिन पर छँटाई करके सड़ी गाँठें निकालें — एक सड़ी प्याज आसपास की दस खराब कर देती है।
🌾

KrashiMitra.in — आपका विश्वसनीय कृषि साथी

मंडी भाव, सरकारी योजनाएं, बीज-खाद की जानकारी और फसल रोग उपचार — सब कुछ हिंदी में।

KrashiMitra.in पर जाएं →
📰 संबंधित लेख सभी लेख देखें →

📌 इससे जुड़ी और जानकारी

🤖
AI से रोग पहचान करें
फोटो भेजें — तुरंत इलाज जानें
🛒
दवा ऑनलाइन खरीदें
फफूंदनाशक, कीटनाशक — COD
🌤️
आज का मौसम देखें
छिड़काव के लिए सही समय जानें
AI सहायक AI सहायक