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🥭 आम · बागवानी 🗓️ सीजन मई–अगस्त 2026 📍 मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में आम की खेती — सम्पूर्ण मार्गदर्शिका Mango Cultivation in Madhya Pradesh — Complete Guide for Farmers

सिंदूरी, अल्फोंसो और आम्रपाली से लेकर बाग लगाना, जलवायु अनुकूलन, रोग प्रबंधन और MP सरकार की बागवानी योजनाओं तक — सब कुछ एक जगह।

✍️ KrashiMitra.in ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 जून 2026 अपडेट
🌳
~3.5 लाख हे.
आम के बागान क्षेत्र
🥭
~25 लाख टन
वार्षिक उत्पादन
🏅
Top 5
भारत में उत्पादन रैंक
🌡️
25–42°C
MP की अनुकूल जलवायु
💰
₹20–90/kg
मंडी मूल्य (किस्म अनुसार)
👨‍🌾
12 लाख+
बागवान किसान परिवार
📋 इस लेख में क्या है
🥭

MP और आम — बागवानी की बढ़ती संभावनाएं

किसान भाइयों, मध्य प्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में अपनी जगह बना रहा है। MP की विविध जलवायु — विंध्य पठार की गर्म-शुष्क पट्टी से लेकर महाकौशल की नम उपोष्ण भूमि तक — आम की विभिन्न किस्मों के लिए आदर्श है। सिंदूरी आम, जो MP का अपना गौरव है, देशभर में अपने गहरे लाल रंग और मिठास के लिए जाना जाता है।

MP में रीवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह और धार जैसे जिले आम की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत आम की खेती को प्राथमिकता दी है — नए बाग, ड्रिप सिंचाई और कोल्ड चेन पर अनुदान दिया जा रहा है।

MP की गहरी काली मिट्टी (Black Cotton Soil) और मानसून की भरपूर वर्षा आम के लिए उत्तम आधार देती है। एक अच्छी तरह से प्रबंधित बाग से किसान प्रति हेक्टेयर ₹1–3.5 लाख तक वार्षिक आमदनी कर सकते हैं।

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MP का सिंदूरी आम: रीवा-सतना क्षेत्र का सिंदूरी आम अपने चमकीले लाल-नारंगी रंग और अनोखी मिठास के लिए प्रसिद्ध है। इसे GI टैग दिलाने की प्रक्रिया जारी है — यह MP के लिए दशहरी जैसा मील का पत्थर साबित होगा।

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🗺️

MP के प्रमुख आम उत्पादन क्षेत्र

MP को चार मुख्य आम उत्पादन पट्टियों में बाँटा जा सकता है — हर क्षेत्र की अपनी विशेष किस्म और मिट्टी है:

🌋
रीवा – सतना
विंध्य क्षेत्र
सिंदूरी आम का गढ़। गहरी लाल-भूरी मिट्टी। ऊँचाई पर स्थित होने से रात को ठंडक — उत्तम मिठास।
🌿
जबलपुर – कटनी
महाकौशल
नर्मदा घाटी की उपजाऊ भूमि। उच्च वर्षा — लंगड़ा और आम्रपाली उत्तम।
🏔️
छिंदवाड़ा – बैतूल
सतपुड़ा क्षेत्र
सतपुड़ा की ढलान पर बाग। ठंडी रातें — अच्छी रिकवरी। दशहरी और मल्लिका यहाँ लोकप्रिय।
🌾
सागर – दमोह
बुंदेलखंड
काली मिट्टी का पठार। गर्म जलवायु। सफेदा और तोतापरी अधिक उत्पादन देती हैं।
🌊
धार – खरगोन
मालवा-निमाड़
नर्मदा तटीय क्षेत्र। सिंचाई सुविधा अच्छी। केसर और अल्फोंसो यहाँ सफलतापूर्वक उगते हैं।
🏡
बालाघाट – मंडला
पूर्वी MP
आदिवासी बहुल क्षेत्र। वन क्षेत्र के बागों से आमदनी। देशी किस्मों का संरक्षण।
🌅
मुरैना – भिंड
चंबल क्षेत्र
UP सीमा से सटा क्षेत्र। दशहरी और लंगड़ा की UP शैली खेती। नई बागवानी इकाइयाँ स्थापित हो रही हैं।
🏛️
होशंगाबाद (नर्मदापुरम)
नर्मदा घाटी
उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी। नर्मदा नदी के किनारे बागवानी। आम्रपाली और मल्लिका की घनी खेती।
3.5 लाख हे.
कुल बागान क्षेत्र
7–10 टन/हे.
औसत उपज (परिपक्व बाग)
52 जिले
जहाँ आम की खेती होती है

🌿

MP के लिए उपयुक्त आम किस्में

MP की गर्म और अर्ध-शुष्क जलवायु के लिए कुछ किस्में विशेष रूप से अनुकूल हैं:

🔴
सिंदूरी
🗓️ जून – जुलाई
MP का गौरव। सिंदूरी लाल रंग, अनोखी मिठास। रीवा-सतना में सर्वाधिक। GI टैग की प्रक्रिया जारी।
🟠
दशहरी
🗓️ जून – जुलाई
चंबल और महाकौशल क्षेत्र में लोकप्रिय। रेशेरहित, मीठा। UP की तरह अच्छी व्यावसायिक माँग।
🟢
आम्रपाली
🗓️ जुलाई – अगस्त
घनी बागवानी के लिए आदर्श। MP की गर्मी सहन करती है। हर साल नियमित फलन।
मल्लिका
🗓️ जून – जुलाई
IARI हाइब्रिड। MP की गर्म जलवायु के लिए उपयुक्त। उच्च उपज और नियमित फलन।
🌕
केसर
🗓️ जून – जुलाई
मालवा-निमाड़ के लिए उपयुक्त। केसरिया रंग, सुगंधित। निर्यात में अच्छी माँग।
🔆
अल्फोंसो (हापुस)
🗓️ मई – जून
धार-खरगोन में सफलतापूर्वक उगता है। प्रीमियम मूल्य। उचित तकनीक जरूरी।
🌿
तोतापरी
🗓️ जून
बुंदेलखंड में अधिक उत्पादन। प्रसंस्करण (Juice/Pulp) के लिए उत्तम। सूखा-सहिष्णु।
🍋
लंगड़ा
🗓️ जुलाई – अगस्त
जबलपुर-कटनी क्षेत्र में लोकप्रिय। हरा-पीला, सुगंधित। उच्च वर्षा वाले क्षेत्र के लिए उपयुक्त।
💡
MP के लिए सर्वश्रेष्ठ संयोजन: व्यावसायिक बाग के लिए सिंदूरी + मल्लिका + आम्रपाली का मिश्रण लगाएं। सिंदूरी स्थानीय बाजार में, मल्लिका-आम्रपाली बड़े शहरों में बिकती है — और तीनों का पकने का समय अलग-अलग है, जिससे पूरे सीजन आमदनी बनी रहती है।

💰
MP में आम का आज का मंडी भाव — LIVE जबलपुर, भोपाल, इंदौर और रीवा मंडी में सिंदूरी और दशहरी का भाव
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🌱

बाग लगाना और मौसम-वार देखभाल

MP की जलवायु UP से अलग है — गर्मी अधिक, वर्षा मध्यम और कुछ क्षेत्रों में सूखे की संभावना। यहाँ देखभाल का तरीका भी अलग होता है:

🌍
मिट्टी और स्थल चुनाव — MP के लिए विशेष
✦ रोपण से पहले
  • MP की काली मिट्टी (Black Cotton Soil) पानी रोकती है — जल निकासी सुनिश्चित करें।
  • लाल-पीली मिट्टी (Red Laterite) रीवा और छिंदवाड़ा में — इसमें आम उत्तम होता है।
  • pH 6–7.5 आदर्श। अम्लीय मिट्टी में चूना (Lime) 2–3 टन/हे. मिलाएं।
  • ढलानदार जमीन चुनें — पानी का भराव नहीं होगा और मंजर अच्छा आएगा।
🌳
रोपण विधि और दूरी
✦ जुलाई–अगस्त (मानसून प्रारंभ होते ही)
  • साधारण बाग: 10×10 मीटर (100 पौधे/हे.)। घनी बागवानी: 5×5 मीटर (400 पौधे/हे.)।
  • गड्ढा: 1×1×1 मीटर। 15 दिन धूप में खुला रखें, फिर खाद+मिट्टी भरें।
  • MP की गर्मी में पहले 2 साल नियमित सिंचाई अनिवार्य — पौध मरने से बचेंगे।
  • हमेशा प्रमाणित कलमी पौध लें — राज्य नर्सरी या JNKVV जबलपुर से।
☀️
MP की गर्मी से बचाव — विशेष सावधानी
✦ मार्च–जून (45°C तक तापमान)
  • युवा पेड़ों के तने पर जूट की बोरी या सफेद पेंट लगाएं — लू से बचाव।
  • मई–जून में हर 5–7 दिन पर सिंचाई जरूर करें — फल गिरने से बचेंगे।
  • पेड़ के चारों ओर पलवार (Mulching) बिछाएं — नमी बनी रहेगी, खरपतवार नहीं उगेंगे।
  • लू (Hot Wind) से बचाने के लिए बाग की उत्तर-पश्चिम दिशा में शेल्टरबेल्ट लगाएं।
💧
सिंचाई — MP की जलवायु के अनुसार
✦ पूरे साल की योजना
  • मानसून (जुलाई–सितंबर): प्राकृतिक वर्षा पर्याप्त — जल निकासी देखें।
  • अक्टूबर–नवंबर: हल्की सिंचाई — पेड़ को आराम दें।
  • दिसंबर–फरवरी: सिंचाई बंद — मंजर के लिए जरूरी तनाव।
  • मार्च–जून: ड्रिप/बेसिन सिंचाई हर 7 दिन — फल टूटने से बचाएं।
🌿
खाद और पोषण प्रबंधन
✦ उम्र और मिट्टी के अनुसार
  • जुलाई में: गोबर खाद 30–50 kg + यूरिया 500g + SSP 500g + MOP 500g (परिपक्व पेड़)।
  • फरवरी में: DAP 300g + पोटाश 300g — मंजर के बाद फल विकास के लिए।
  • MP की काली मिट्टी में जिंक और बोरान की कमी आम — प्रतिवर्ष छिड़काव करें।
  • जैविक खेती अपनाएं — वर्मी कम्पोस्ट 10 kg/पेड़ से मिट्टी स्वास्थ्य बेहतर होता है।

🔍

MP विशेष रोग और कीट प्रबंधन

MP की गर्म और आर्द्र मानसून जलवायु में कुछ रोग और कीट विशेष रूप से सक्रिय रहते हैं:

🍂
चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew)
फफूंद — फरवरी-मार्च
मंजर पर सफेद चूर्ण, फूल झड़ते हैं। MP में यह UP से अधिक तेज होता है। उपाय: वेटेबल सल्फर 3g/L — मंजर निकलते ही तुरंत छिड़काव।
🔥
एन्थ्रेक्नोज
फफूंद — मानसून में
MP के मानसून में यह बहुत तेजी से फैलता है। काले धब्बे, फल सड़ते हैं। उपाय: मैन्कोजेब 2.5g/L + प्रोपिकोनाजोल 1ml/L।
🌊
जड़ सड़न (Phytophthora)
फफूंद — भारी वर्षा में
MP की काली मिट्टी में जलभराव से। पत्तियां पीली, पेड़ कमजोर। उपाय: रिडोमिल MZ 2g/L, जल निकासी सुधारें।
🐛
मिली बग (Mealybug)
कीट — दिसंबर-मार्च
MP में दिसंबर से ही सक्रिय। मंजर को नष्ट करता है। उपाय: तने पर क्लोरपाइरीफोस 20ml/10L, चिकना पट्टा (Sticky Band)।
🍎
फल मक्खी (Fruit Fly)
कीट — जून-अगस्त
MP में मानसून के दौरान प्रकोप बढ़ता है। सिंदूरी आम इसके प्रति संवेदनशील है। उपाय: Methyl Eugenol ट्रैप, Fruit Bagging।
🌿
भुनगा/हॉपर (Hoppers)
कीट — मंजर के समय
मंजर और नई कोपलों का रस चूसता है। MP की गर्म जलवायु में तेज़ प्रजनन। उपाय: इमिडाक्लोप्रिड 0.5ml/L का छिड़काव।
⚠️
MP किसानों के लिए विशेष सलाह: MP में गर्मी 45°C तक जाती है — इसलिए कभी भी दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव न करें। इससे पत्तियां झुलस सकती हैं और दवाई की ताकत भी खत्म हो जाती है। छिड़काव हमेशा सुबह 7–10 बजे या शाम 5–7 बजे करें।
🌿
देसी नुस्खा — MP के किसानों का अनुभव: मिली बग से बचाव के लिए दिसंबर में तने के चारों ओर राख की 6 इंच चौड़ी पट्टी बिछाएं और उसके ऊपर चिकना ग्रीस या सरसों तेल लगाया हुआ जूट बांधें। यह पूरी तरह देसी और बहुत असरदार तरीका है।

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तुड़ाई, भंडारण और बाजार

MP में आम UP की तुलना में 1–2 सप्ताह पहले पकता है क्योंकि यहाँ गर्मी अधिक होती है। सही समय पर तुड़ाई और बाजार तक पहुँच से आमदनी काफी बढ़ जाती है।

⏰ तुड़ाई कैलेंडर — MP के लिए

किस्म MP में तुड़ाई पहचान मंडी मूल्य
सफेदा / तोतापरी मई प्रारंभ हल्का पीलापन, कंधे उभरे ₹20–35/kg
केसर / अल्फोंसो मई – जून केसरिया-पीला रंग, सुगंध ₹60–120/kg
दशहरी / मल्लिका जून – जुलाई पीला कंधा, मीठी सुगंध ₹35–60/kg
सिंदूरी जून – जुलाई लाल-नारंगी रंग का विकास ₹30–55/kg
आम्रपाली / लंगड़ा जुलाई – अगस्त हरे-पीले रंग का मिश्रण ₹30–50/kg

🛒 MP के प्रमुख आम बाजार

🏪
स्थानीय मंडियाँ और थोक केंद्र
✦ सबसे सुलभ विकल्प
  • जबलपुर, भोपाल और इंदौर की APMC मंडियाँ MP के प्रमुख आम व्यापार केंद्र हैं।
  • रीवा मंडी सिंदूरी आम के लिए विशेष — जून-जुलाई में यहाँ भारी कारोबार होता है।
  • ई-नाम (e-NAM) पोर्टल पर ऑनलाइन बेचें — बिचौलिए से बचें, सीधे खरीददार से मिलें।
🏙️
महानगर बाजार — दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद
✦ बेहतर दाम
  • MP के सिंदूरी और मल्लिका आम की दिल्ली की आज़ादपुर मंडी में अच्छी माँग।
  • मुंबई और हैदराबाद के सुपरमार्केट MP के केसर आम खरीदते हैं।
  • FPO (Farmer Producer Organization) से जुड़ें — सामूहिक बिक्री से परिवहन लागत घटेगी।
💡
सिंदूरी आम की ब्रांडिंग करें: अपने आम की पेटी पर "MP सिंदूरी — रीवा का आम" लिखें और QR कोड लगाएं जो खेत की जानकारी दे। इससे शहरी खरीददार आकर्षित होते हैं और ₹10–15/kg अधिक मिलता है।

📜

MP सरकार की बागवानी योजनाएं और अनुदान

मध्य प्रदेश सरकार ने बागवानी को प्राथमिकता दी है। इन योजनाओं का लाभ उठाएं:

योजना लाभ कहाँ संपर्क करें
मुख्यमंत्री बागवानी मिशन नए बाग पर ₹30,000–50,000/हे. अनुदान, 3 वर्ष तक जिला उद्यानिकी कार्यालय, mpfsts.mp.gov.in
ड्रिप/स्प्रिंकलर सब्सिडी (PMKSY) SC/ST किसानों को 90%, अन्य को 80% अनुदान जिला उद्यानिकी अधिकारी
MP राज्य बागवानी मिशन नर्सरी विकास, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग सहायता उद्यानिकी विभाग भोपाल
JNKVV किसान प्रशिक्षण जबलपुर नेहरू विश्वविद्यालय — नि:शुल्क बागवानी प्रशिक्षण jnkvv.org, जबलपुर
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) 4% ब्याज पर ₹3 लाख तक ऋण नजदीकी राष्ट्रीयकृत बैंक
PM Fasal Bima (PMFBY) ओला, सूखा, बाढ़ से फसल बीमा — प्रीमियम 5% बैंक या CSC केंद्र — खरीफ सीजन से पहले
FPO गठन सहायता 10 किसान मिलकर FPO बनाएं — ₹18 लाख तक सहायता नाबार्ड, SFAC, जिला कृषि कार्यालय
JNKVV जबलपुर का लाभ उठाएं: जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर MP किसानों के लिए नि:शुल्क बागवानी प्रशिक्षण, मृदा परीक्षण और उन्नत पौध उपलब्ध कराता है। प्रतिवर्ष जून–जुलाई में किसान मेला लगता है — अवश्य जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1MP की काली मिट्टी में आम लगाना ठीक है?
हाँ, लेकिन सावधानी जरूरी है। काली मिट्टी (Vertisol) में जल निकासी का खास ध्यान रखें — भारी मानसून में जलभराव होने पर जड़ सड़ जाती है। ऊँचे स्थान पर या उठी हुई क्यारियों (Raised Beds) पर रोपण करें। खाद और जैविक पदार्थ मिलाने से मिट्टी की संरचना सुधरती है।
2सिंदूरी आम की खेती कैसे शुरू करें?
सिंदूरी आम रीवा-सतना क्षेत्र में सबसे अच्छा होता है। पौध के लिए रीवा जिला नर्सरी या राज्य उद्यानिकी विभाग से प्रमाणित कलमी पौध लें। रोपण मानसून में करें। पहले 3 साल नियमित देखभाल जरूरी है — उसके बाद यह कम देखभाल में भी अच्छा फल देती है।
3MP में आम का मंजर कब आता है?
MP में आम का मंजर UP से 2–3 सप्ताह पहले, जनवरी के अंत से फरवरी के मध्य तक आता है — क्योंकि यहाँ सर्दी जल्दी खत्म होती है और गर्मी पहले आती है। मंजर के लिए दिसंबर में सिंचाई बंद करना जरूरी है। पाले (Frost) से भी बचाव करें — रीवा और सतना में जनवरी में पाला पड़ सकता है।
4MP में आम की घनी बागवानी (HDP) कितनी सफल है?
MP के JNKVV जबलपुर और उद्यानिकी विभाग ने साबित किया है कि आम्रपाली और मल्लिका किस्मों में 5×5 मीटर की घनी बागवानी बहुत सफल है। प्रति हेक्टेयर 400 पेड़ से साधारण बाग के मुकाबले 3–4 गुना अधिक उत्पादन होता है। शर्त — नियमित छँटाई और ड्रिप सिंचाई।
5मुख्यमंत्री बागवानी मिशन का लाभ कैसे लें?
अपने जिला उद्यानिकी कार्यालय में जाकर आवेदन करें। आधार कार्ड, खसरा-खतौनी और बैंक पासबुक साथ ले जाएं। ऑनलाइन: mpfsts.mp.gov.in पर पंजीकरण करें। नए बाग के लिए ₹30,000–50,000/हे. तक 3 वर्षों में किस्तों में अनुदान मिलता है।
6MP में आम के लिए पाले से कैसे बचाएं?
MP के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में जनवरी में पाले का खतरा रहता है। बचाव के लिए: (1) पेड़ों को जूट या पॉलिथीन से ढकें, (2) पाले की संभावना पर शाम को हल्की सिंचाई करें, (3) बाग में धुआं करें, (4) Thiovit 2g/L का छिड़काव पाले से 1 सप्ताह पहले करें।
7MP से आम का निर्यात कैसे करें?
APEDA में पंजीकरण (apeda.gov.in) करें। फिर MP कृषि विभाग से निर्यात सहायता लें — MPCON और मध्य प्रदेश निर्यात निगम MP के किसानों को खरीददारों से जोड़ता है। Hot Water Treatment के लिए जबलपुर और इंदौर में सुविधा उपलब्ध है। सिंदूरी और मल्लिका की मध्य-पूर्व (UAE, कुवैत) में अच्छी माँग है।

✅ मुख्य बातें — याद रखें
  • MP में सिंदूरी, मल्लिका और आम्रपाली सबसे उपयुक्त व्यावसायिक किस्में हैं
  • काली मिट्टी में रोपण से पहले जल निकासी और उठी क्यारियाँ सुनिश्चित करें
  • दिसंबर में सिंचाई बंद करें — मंजर के लिए जरूरी
  • 45°C गर्मी में Mulching और तने की सुरक्षा अनिवार्य
  • दिसंबर में ही मिली बग के लिए Sticky Band और राख की पट्टी लगाएं
  • मुख्यमंत्री बागवानी मिशन से नए बाग पर ₹50,000/हे. तक अनुदान लें
  • JNKVV जबलपुर से नि:शुल्क प्रशिक्षण और मृदा परीक्षण कराएं
  • सिंदूरी आम की ब्रांडिंग करें — प्रीमियम मूल्य मिलेगा
  • FPO बनाएं — सामूहिक बिक्री से दिल्ली-मुंबई के बाजार तक पहुँच बनेगी
🥭

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