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🏛️ सरकारी योजना 🗓️ वित्तीय वर्ष 🐂 नीलगाय व आवारा पशु

तारबंदी योजना — अनुदान और आवेदन Farm Fencing Subsidy

एक रात का नुकसान पूरे सीज़न की कमाई ले जाता है। तारबंदी पर 50% से 70% तक अनुदान मिलता है — बशर्ते कागज़ पहले चलें, कुदाल बाद में।

✍️ Kunal Rajput — KrashiMitra ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 सितंबर 2026

पहले आवेदन, फिर स्वीकृति, उसके बाद ही काम

💰
₹56,000
सामूहिक आवेदन में अधिकतम
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400 मीटर
अनुदान की अधिकतम लंबाई
📝
स्वीकृति पहले
उसके बाद ही तारबंदी
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भूमिका

खेत में मेहनत, खाद और पानी लगाने के बाद अगर एक रात नीलगाय का झुंड या आवारा गोवंश उतर आए, तो पूरे सीज़न की कमाई सुबह तक खत्म हो सकती है। इसी वजह से कई राज्य खेत की तारबंदी पर सीधा अनुदान देते हैं, और राजस्थान में यह योजना सबसे व्यवस्थित रूप से चल रही है — लघु-सीमांत किसान को लागत का 60% या अधिकतम ₹48,000, सामान्य किसान को 50% या ₹40,000, और दस किसानों के सामूहिक आवेदन पर 70% तक या अधिकतम ₹56,000

पर हर साल सैकड़ों आवेदन एक ही वजह से खारिज होते हैं: किसान पहले तारबंदी करा लेता है और अनुदान बाद में माँगता है। नियम इसका उल्टा है — पहले आवेदन, फिर विभाग की प्रशासनिक स्वीकृति, उसके बाद ही काम। यह लेख पूरी शर्तें, दस्तावेज़, आवेदन का क्रम और वे गलतियाँ बताता है जो पैसा रोक देती हैं।


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तारबंदी योजना है क्या

यह खेत के चारों ओर काँटेदार तार की बाड़ लगाने पर मिलने वाला अनुदान है। राजस्थान में यह मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के अंतर्गत कृषि विभाग चलाता है। पैसा किसान के बैंक खाते में सीधे (DBT) आता है — न कोई सामग्री बाँटी जाती है, न कोई ठेकेदार तय होता है। तार, खंभे और मज़दूरी का इंतज़ाम किसान खुद करता है, और तय हिस्सा बाद में लौटता है।

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अनुदान "प्रतिशत या अधिकतम राशि — जो भी कम हो" के नियम से मिलता है। यानी अगर आपकी असली लागत कम रही, तो प्रतिशत के हिसाब से कम राशि मिलेगी; अधिकतम सीमा केवल ऊपरी छत है, तय रकम नहीं।

💰

कितना अनुदान मिलता है

किसान श्रेणीअनुदानअधिकतम राशि
सामान्य किसानलागत का 50%₹40,000
लघु एवं सीमांत किसानलागत का 60%₹48,000
सामूहिक आवेदन (10 या अधिक किसान, कम से कम 5 हेक्टेयर)लागत का 70%₹56,000

अनुदान अधिकतम 400 रनिंग मीटर तारबंदी तक देय है। इससे कम लंबाई पर राशि उसी अनुपात में (प्रो-रेटा) घटकर मिलती है, और इससे ज़्यादा लंबाई पर अतिरिक्त हिस्से का खर्च किसान का अपना रहता है। सामूहिक आवेदन में यह 400 मीटर की सीमा प्रति किसान लागू होती है।

💡
सामूहिक आवेदन सबसे फायदे का रास्ता है। दस पड़ोसी किसान मिलकर एक साथ आवेदन करें तो अनुदान 50–60% से बढ़कर 70% हो जाता है, और साझा मेड़ पर एक ही बाड़ दो खेतों का काम कर देती है — यानी अनुदान ज़्यादा और खर्च कम।

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पात्रता और ज़रूरी दस्तावेज़


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आवेदन का पूरा क्रम — यही क्रम पैसा दिलाता है

चरणक्या होता है
1. आवेदनराज किसान साथी पोर्टल पर या नज़दीकी ई-मित्र से ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड
2. जाँचकृषि विभाग दस्तावेज़ और भूमि का विवरण जाँचता है
3. प्रशासनिक स्वीकृतिविभाग स्वीकृति जारी करता है — इससे पहले काम शुरू नहीं करना है
4. पूर्व सत्यापनकाम शुरू होने से पहले मौके का निरीक्षण और जियो-टैगिंग
5. तारबंदीकिसान अपने खर्च पर बाड़ लगवाता है, बिल-रसीदें सँभालकर रखता है
6. पूर्णता सत्यापनकाम पूरा होने पर दोबारा मौका निरीक्षण और जियो-टैगिंग
7. भुगतानअनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में
⚠️
स्वीकृति से पहले लगाई गई तारबंदी पर अनुदान नहीं मिलता। विभाग को काम शुरू होने से पहले की स्थिति देखनी होती है और उसकी जियो-टैगिंग करनी होती है — जो बाड़ पहले से खड़ी है, उसका "पहले" कभी दर्ज नहीं हो सकता। यही इस योजना में आवेदन खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है।

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दूसरे राज्यों में क्या मिलता है

तारबंदी का अनुदान केंद्र की एक अकेली योजना नहीं है — यह राज्यों की अपनी योजनाओं और राष्ट्रीय मिशनों के अलग-अलग घटकों के तहत चलता है। इसलिए नाम, प्रतिशत, सीमा और पोर्टल हर राज्य में अलग हैं।

⚠️
योजनाओं की दरें, सीमाएँ और आवेदन की तारीखें हर वित्तीय वर्ष में बदल सकती हैं और बजट खत्म होते ही पोर्टल बंद हो जाता है। आवेदन से पहले अपने कृषि विभाग या ई-मित्र से मौजूदा शर्तें ज़रूर पुष्टि कर लीजिए। KrashiMitra किसी योजना का एजेंट नहीं है, न आवेदन कराता है और न अनुदान दिलाता है — हम सिर्फ़ जानकारी एक जगह रखते हैं। किसी भी बिचौलिए को "फाइल पास कराने" के नाम पर पैसा न दें।

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बाड़ लगवाते समय की व्यावहारिक बातें


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ये गलतियाँ कभी न करें


निष्कर्ष

तीन बातें याद रखिए। पहली — क्रम मत तोड़िए: आवेदन, स्वीकृति, फिर काम। दूसरी — दस किसान मिलकर आवेदन करें तो अनुदान 70% तक पहुँच जाता है। तीसरी — तार में बिजली कभी मत जोड़िए; झटका देने वाला सोलर एनर्जाइज़र ही एकमात्र सुरक्षित तरीका है

बाड़ एक बार लगती है और दस साल फसल बचाती है — पर अनुदान तभी मिलता है जब कागज़ पहले चलें, कुदाल बाद में।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1तारबंदी योजना में कितना अनुदान मिलता है?
राजस्थान में सामान्य किसान को लागत का 50% या अधिकतम ₹40,000, लघु-सीमांत किसान को 60% या ₹48,000, और 10 या अधिक किसानों के सामूहिक आवेदन पर 70% या ₹56,000 तक अनुदान मिलता है। यह अधिकतम 400 रनिंग मीटर तारबंदी तक देय है और इससे कम लंबाई पर राशि उसी अनुपात में घट जाती है।
2तारबंदी के लिए कम से कम कितनी ज़मीन चाहिए?
योजना में परंपरागत शर्त एक ही स्थान पर कम से कम 1.5 हेक्टेयर भूमि की रही है, और सामूहिक आवेदन के लिए दस या अधिक किसानों के पास मिलाकर कम से कम 5 हेक्टेयर। छोटे किसानों के लिए इस सीमा में ढील की खबरें समय-समय पर आती रही हैं, इसलिए आवेदन से पहले मौजूदा सीमा कृषि विभाग से पुष्टि कर लीजिए।
3क्या पहले तारबंदी करा लें और अनुदान बाद में लें?
नहीं — यही इस योजना में आवेदन खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है। विभाग को काम शुरू होने से पहले मौके का सत्यापन और जियो-टैगिंग करनी होती है, इसलिए क्रम हमेशा यही रहेगा: पहले आवेदन, फिर प्रशासनिक स्वीकृति, फिर पूर्व सत्यापन, और उसके बाद ही तारबंदी।
4तारबंदी योजना में आवेदन कैसे करें?
राजस्थान में आवेदन राज किसान साथी पोर्टल पर या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र से ऑनलाइन होता है। साथ में जमाबंदी की नकल (आम तौर पर छह महीने से पुरानी नहीं), जन आधार/आधार और बैंक पासबुक की प्रति लगती है, और अनुदान बाद में सीधे उसी बैंक खाते में (DBT) आता है।
5400 रनिंग मीटर से ज़्यादा तारबंदी पर क्या मिलेगा?
अनुदान केवल 400 रनिंग मीटर तक ही मिलेगा — उससे आगे की लंबाई का पूरा खर्च किसान का अपना रहेगा। सामूहिक आवेदन में यह सीमा प्रति किसान लागू होती है, इसलिए दस किसानों के समूह में कुल कहीं अधिक लंबाई अनुदान के दायरे में आ जाती है।
6क्या दूसरे राज्यों में भी तारबंदी पर सब्सिडी है?
हाँ, पर नाम, दर और शर्तें हर राज्य में अलग हैं। कहीं यह कृषि विभाग की योजना है, कहीं बागवानी विभाग के घटक में शामिल है, और कुछ राज्यों में काँटेदार तार की जगह सोलर फेंसिंग पर अनुदान मिलता है। अपने ब्लॉक के कृषि पर्यवेक्षक से पूछिए कि इस वित्तीय वर्ष में यह घटक खुला है या नहीं।
7क्या तार में बिजली का करंट जोड़ सकते हैं?
बिलकुल नहीं — घरेलू या खेत की बिजली सीधे बाड़ में जोड़ना जानलेवा और गैर-कानूनी है, और हर साल इसी से लोगों तथा मवेशियों की मौत होती है। सुरक्षित विकल्प केवल प्रमाणित सोलर फेंस एनर्जाइज़र है, जो रुक-रुक कर हल्का झटका देता है और जान नहीं लेता।
8तारबंदी का अनुदान कितने दिन में खाते में आता है?
अनुदान काम पूरा होने के बाद दूसरे मौका-सत्यापन और जियो-टैगिंग के बाद जारी होता है, इसलिए समय ज़िले की जाँच की रफ्तार पर निर्भर करता है। भुगतान DBT से सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता चालू और आधार से जुड़ा होना ज़रूरी है — यही अटकने की सबसे आम तकनीकी वजह है।
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