चना पर किसानों ने किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) पर जो सवाल पूछे और कृषि विशेषज्ञों ने जो जवाब दिए, वही यहां दिए गए हैं — कुल 50 सवाल-जवाब। आज का मंडी भाव देखें →
चने की बुवाई से पूर्व बीज शोधन के लिए क्या करें?
चने की बुवाई से पूर्व बीज शोधन के लिए कार्बेनडाज़िम 12 प्रतिशत + मैनकोज़ेब 63 प्रतिशत डब्लयू पी 2 ग्राम से प्रति किलो बीज को बिजाई से पहले उपचार करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sultanpur · Uttar Pradesh · 2023चने के बीज में बीज जनित रोगों की रोकथाम के लिए क्या करें?
चने के बीज में बीज जनित रोगों की रोकथाम हेतु बीजोपचार आवश्यक हैं बोनी के पूर्व 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा बिरडी प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें । ट्राइकोडरमा बिरडी न मिलने पर कार्बोक्सिन 37.5 +थिराम 37.5 ( 75 डब्ल्यू.पी.) 2.5 - 3 ग्राम दवा ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से उपचारित करेंइसके पष्चात् ।िमिडाक्लोरप्रिड 48% fs १-१.५ मि.ली प्रति किलो बीज या कीटनाशक दवा क्लोरोपाइरीफास 20 ई.सी. 400 मि.ली प्रति क्विंटल बीज के हिसाब से बीजोपचार करें। इसके बाद राइजोबियम 5 से 10 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचारित करें। ।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Katni · Madhya Pradesh · 2023चने की फसल में पुनः वृध्दि के लिए क्या करें?
चने की फसल में पुनः वृध्दि के लिए एमिनो एसिड की 20-25 एम एल प्रति पंप का स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Betul · Madhya Pradesh · 2022चने के पौधों में फूलो की संख्या बढ़ने के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई आपके चने के पौधों में फूलो की संख्या बढ़ने के लिए एमिनो एसिड + फोलिक एसिड की १०० मिलीलीटर मात्रा प्रति एकर की दर से 150 से 200 लीटर पानी के घोल बनाकर छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raj Nandgaon · Chhattisgarh · 2022चने की फसल यदि बारिश के पश्चात अत्यधिक बढ़वार करने लग गई हैं तो उस के लिए क्या करें?
चने की फसल यदि बारिश के पश्चात अत्यधिक बढ़वार करने लग गई हैं तो उसके लिए कोई दवाई उपयोग ना करें क्योंकि यह फूलों वाली स्थिति है इसमें फूलों पर प्रभाव पड़ता है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhatarpur · Madhya Pradesh · 2022चना फसल में अधिक बढ़वार रोकने के लिए क्या करें?
चना फसल में अधिक बढ़वार रोकने के लिए क्लोरमेक्वाट क्लोराइड 50 SL नामक दवा का 15-20 ml प्रति पंप कि दर से स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhindwara · Madhya Pradesh · 2022चने की फसलों में गलत खरपतवारनाशी रसायन के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए क्या करें?
चने की फसलों में गलत खरपतवारनाशी रसायन के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ग्लूकोस पाउडर को 100 से 150 ग्राम प्रति पम्प के हिसाब से छिडकाव करेI
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Harda · Madhya Pradesh · 2021चने की फसल में उकटा रोग के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई चने की फसल में उकटा रोग के नियंत्रण के लिए खेत की तैयारी के समय 5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा विरदी को गोबर की खाद की साथ मिलाकर खेत में नमी रहने पर उपयोग करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Guna · Madhya Pradesh · 2020चने की फसल में बढ़वार (फूल और फल में वृद्धि) के लिए क्या करें?
चने की फसल में बढ़वार (फूल और फल में वृद्धि) के लिए के लिए फोलिक एसिड + एमिनो एसिड के मिश्रण को 100-120 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी के साथ घोल बना कर छिड़काव कर सकते है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bemetara · Chhattisgarh · 2022चने की फसल में अच्छी वृद्धि के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई आपके चने की फसल में अच्छी वृद्धि के लिए ऍन :पी : के , १९:१९:१९: उर्वरक की १ किलो ग्राम मात्रा प्रति एकर में १५० से २०० लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Narsimpur · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल में बढ़वार के लिए क्या करें?
चना की फसल में बढ़वार के लिए सागरिका (प्राकृतिक समुद्री शैवाल का उत्पाद) को 250 मिली लिटर प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mungeli · Chhattisgarh · 2021चने फसल मे पाला के प्रकोप को कम करने के लिए क्या करें?
चने फसल मे पाला के प्रकोप को कम करने के लिए तरल सल्फर को 450 मिली लिटर प्रति एकड़ की दर से 150-200 लिटर पनि के साथ घोल बना कर छिदकव कर सकते है | किसान भाई चने की फसल में बढ़वार के लिए सागरिका (प्राकृतिक समुद्री शैवाल का उत्पाद) को 250 मिली लिटर प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bemetara · Chhattisgarh · 2021चने में उकठा रोक लगा हुआ है उस के लिए क्या करें?
चने में उकठा रोक लगा हुआ है उसकी रोकथाम के लिए बुवाई से पहले बीज और भूमि उपचार करें रोग रोधी प्रजातियों का चयन करें फसल चक्र अपनाएं उसके अलावा अगर लग गया है तो कार्बेंडाजिम 12% + मैन्कोज़ेब 63 % 500 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें ग्रसित पौधे को उखाड़ कर के जमीन में गाड़ दे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chitrakoot · Uttar Pradesh · 2021चने की फसल में अच्छे उत्पादन के लिए क्या करें?
आप चने की फसल में अच्छे उत्पादन के लिए N:P:K 00:52:34 पानी में घुलनशील उर्वरक की 100 ग्राम मात्रा प्रति पम्प की दर से छिडकाव करे ।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Umaria · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में अत्यधिक वृद्धि को रोकने के लिए क्या करें?
चने की फसल में अत्यधिक वृद्धि को रोकने के लिए क्लोरमेक्वेट क्लोराइड 50% एस.एल. (लिहोसिन) नामक दवा का 20-25 ml प्रति पंप कि दर से स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल में संपूर्ण विकास के लिए क्या करें?
चना की फसल में संपूर्ण विकास के लिए आप होमोब्रासीनोलॉइड हार्मोन्स 0.04% की 10ml मात्रा प्रति 15 लिटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में अच्छी वनस्पतिक वृद्धि के लिए क्या करें?
चने की फसल में अच्छी वनस्पतिक वृद्धि के लिए यदि पूर्व में आपने उर्वरक प्रयोग नहीं की है,तब आप नैनो यूरिया 2ml प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव कर सकते है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bundi · Rajasthan · 2022अपनी चना फसलों पे फूलो की बढ़वार के लिए क्या करें?
आप अपनी चना फसलों पे फूलो की बढ़वार के लिए स्प्रे करें फेंटेक प्लस ५० एम्॰एल॰ दवा का १०० लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव कर सकते है या एमिनो एसिड की १० मिलीलीटर की मात्रा को १५ लीटर में मिलाकर छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Burhanpur · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल में फल के आकर और उपज में वृद्धि के लिए क्या करें?
आपकी चना की फसल में फल के आकर और उपज में वृद्धि के लिए एन:पी:के 0:52:34 की 100 ग्राम की मात्रा को प्रति पंप के हिसाब से उपयोग करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sehore · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल पे फूलो में बृद्धि के लिए क्या करें?
चना की फसल पे फूलो में बृद्धि के लिए फसलो पे एमिनो एसिड + फोलविक एसिड 10 मिलीलीटर प्रति पंप + बोरान का 20 ग्राम प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Dewas · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में पोषक तत्वों के प्रबंधन के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई चने की फसल में पोषक तत्वों के प्रबंधन के लिए ऍन: पी:के, उर्वरक 0:52:34 की 1 किलोग्राम मात्रा प्रति एकर की दर से 150 से 200 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bemetara · Chhattisgarh · 2022चने की फसल यदि 90 दिन की अवस्था में है तो इसमें फूल वृद्धि के लिए क्या करें?
चने की फसल यदि 90 दिन की अवस्था में है तो इसमें फूल वृद्धि के लिए कोई भी पोषक तत्व का उपयोग ना करें | क्योंकि फसल की फूल वाली अवस्था निकलने के बाद उस में फूल आने की संभावना बहुत कम रह जाती हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Tikamgarh · Madhya Pradesh · 2022चने फसल में अधिक पुष्पन के लिए क्या करें?
आपकी चने फसल में अधिक पुष्पन के लिए एमिनो एसिड + फोलिक एसिड (फेंटेक प्लस) 10 मिलीलीटर और बोरॉन की 20 ग्राम की मात्रा को प्रति पम्प के हिसाब से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Harda · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल मैं फफूंद जनित रोगों के लिए क्या करें?
चना की फसल मैं फफूंद जनित रोगों की रोकथाम के लिए थायोफिनेट मिथाइल 70 % WP वाली दवा को 25 ग्राम प्रति पंप की दर से स्प्रे करें और स्ट्रेप्टोसिक्लिन २ ग्राम का उपयोग 15 लीटर पानी मैं मिलाकर स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhatarpur · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में फफूंद जनित रोगों के लिए क्या करें?
आप चने की फसल में फफूंद जनित रोगों की रोकथाम के लिए कारबेन्डाजीम 12% + मेन्कोजेब 63% WP 40 ग्राम दवा और स्ट्रेप्टोसाइक्लीन 2 ग्राम का उपयोग 15 लीटर पानी में मिलाकर प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — East Nimar · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में फसल कि अधिक बढ़वार रोकने के लिए क्या करें?
चने की फसल में फसल कि अधिक बढ़वार रोकने के लिए क्लोरमेकाट क्लोराइड लिहोसिन नामक दवा का 15-20 ml प्रति पंप कि दर से स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Damoh · Madhya Pradesh · 2022अपनी चने की फसल में पाले की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
आप अपनी चने की फसल में पाले की समस्या से बचने के लिए तरल सल्फर का ४० मिलीलीटर कि मात्रा को प्रति पम्प के हिसाब से छिड़काव करे या थायोयूरिया (thiocarbamide) का 5 ग्राम प्रति 10 लिटर पानी के हिसाब से छिड़काव करे तथा शाम के समय उत्तर-पश्चिम दिशा में कुड़ा-करकट एवं फसल अवशेष कों धीमें जलाकर धुंआ करना चाहिए।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Vidisha · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में फफूंद जनित रोग के लिए क्या करें?
चने की फसल में फफूंद जनित रोग की रोकथाम के लिए आप थायोफिनेट मिथाइल 70 % WP की 25 ग्राम और स्ट्रेप्टोसाइक्लीन 2 ग्राम का उपयोग 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Vidisha · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल मैं फफूंद जनित रोगों के लिए क्या करें?
आप चने की फसल मैं फफूंद जनित रोगों की रोकथाम के लिए आप छिड़काव करें बेलाडेमईसीन २५ ऍम अल का उपयोग 15 लीटर पानी मैं मिलाकर स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raisen · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में इल्ली के लिए क्या करें?
चने की फसल में इल्ली के नियंत्रण के लिए इम्मेक्टिन बेंजोएट 5% SG 7-8 ग्राम /पंप की दर से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Panna · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में इल्लियों के लिए क्या करें?
आपकी चने की फसल में इल्लियों के नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 40% ईसी + साइपरमैथरीन 4% दवा की 400 मिलीलीटर की मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करेंI
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Shivpuri · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में उकठा रोग के लिए क्या करें?
चने की फसल में उकठा रोग के नियंत्रण के लिए ट्राइकोडर्मा 5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ghazipur · Uttar Pradesh · 2022चना की फसल में इल्ली की समस्या को नियंत्रित करने के लिए क्या करें?
चना की फसल में इल्ली की समस्या को नियंत्रित करने के लिए आप ईमामेक्टीन बेंजोएट 5% SG की 7-8 ग्राम मात्रा प्रति 15 लीटर पंप की दर से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Neemuch · Madhya Pradesh · 2022अलग-अलग दलहनी फसलों का अलग-अलग राइजोबियम कल्चर होता है चने के लिए क्या करें?
अलग-अलग दलहनी फसलों का अलग-अलग राइजोबियम कल्चर होता है चने हेतु मीजोराइजोबियम साइसेरी कल्चर का प्रयोग होता है। एक पैकेट 200 ग्राम कल्चर 10 किग्रा० बीज उपचार के लिए पर्याप्त होता है। बाल्टी में 10 किग्रा० बीज डालकर अच्छी प्रकार मिला दिया जाता है ताकि सभी बीजों पर कल्चर लग जायें। इस प्रकार राइजोबियम कल्चर से सने हुए बीजों को कुछ देर बाद छाया में सुखा लेना चाहिए।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ghazipur · Uttar Pradesh · 2023चने के उकठा एवं जड़ सड़न रोग से फसल के बचाव के लिए क्या करें?
चने के उकठा एवं जड़ सड़न रोग से फसल के बचाव हेतु 2 ग्राम थायरम 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम के मिश्रण से प्रति किलो बीज को उपचारित करें । या बीटा वेक्स 2 ग्राम/किलो से उपचारित करें। या राइजोवियम एवं पी.एस.बी. प्रत्येक की 5 ग्राम मात्रा प्रतिकिलो बीज की दर से उपचारित करें ।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2023चने की बुवाई के लिए क्या करें?
चने की बुवाई के लिए 70 से 80 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टर पर्याप्त रहता है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ganganagar · Rajasthan · 2023सिचिंत क्षेत्रों में चने की खेती के लिए क्या करें?
सिचिंत क्षेत्रों में चने की खेती के लिए 3 से 4 सिंचाई पर्याप्त होती है। बुवाई से पहले पलेवा करके फसल की बुवाई करनी चाहिये। इसके पश्चात् फसल की गुड़ाई करने के पश्चात् बुवाई के 35-40 दिन बाद प्रथम 70-80 दिन बाद दूसरी एवं 105-110 दिनों बाद अन्तिम सिंचाई करनी चाहिये।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — East Nimar · Madhya Pradesh · 2021अपनी चने फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए क्या करें?
आप अपनी चने फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए तार नामक दवा का 15 एम् . एल /पंप 15 लीटर पानी की दर से स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2020चने में यदि दो सिंचाइयों के लिए क्या करें?
चने में यदि दो सिंचाइयों के लिए पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हों तो पहली सिंचाई शाखाएं बनते ( समय फूल आने के पहले ) तथा दूसरी 7 प्रतिशत फली बन जाने के बाद ( दाना बनते समय ) करने से चना की 25 से 30 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त की सिंचाई जा सकती है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sehore · Madhya Pradesh · 2020सिंचाई :आमतौर पर चने की खेती असिंचित अवस्था में की जाती है। चने की फसल के लिए क्या करें?
सिंचाई :आमतौर पर चने की खेती असिंचित अवस्था में की जाती है। चने की फसल के लिए कम जल की आवश्यकता होती है। चने में जल उपलब्धता के आधार पहली सिंचाई फूल आने के पूर्व अर्थात बोने के 45 दिन बाद एवं दूसरी सिंचाई दाना भरने की अवस्था पर अर्थात बोने के 75 दिन बाद करना चाहिए।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mandsaur · Madhya Pradesh · 2020चने की फसल में नियंत्रण करने के लिए क्या करें?
चने की फसल में नियंत्रण करने हेतु Fluchloralin 50% EC की 1.5-2.0 ltr मात्रा प्रति हेक्टेयर 500-750 लीटर पानी में घोलकर फ्लैट फैन /नाजिल से बुआई के पूर्व छिड़काव कर भूमि में भली-भांति मिला देना चाहिए अथवा Pendimethalin 30% EC की 2.5-3.0 ltr अथवा Pendimethalin 38.7% CS की 1.5 -2.0 ltr मात्रा प्रति हेक्टेयर 500 लीटर पानी में घोलकर फ्लैट फैन /नाजिल से बुआई के 0-3 दिन के अन्दर समान रूप से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Hanumangarh · Rajasthan · 2022चने की फसल में फसल के उगने के पश्चात खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
चने की फसल में फसल के उगने के पश्चात खरपतवार नियंत्रण के लिए कृपया आप हाथों द्वारा निराई गुड़ाई करें किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा का प्रयोग ना करें इससे फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhindwara · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
चने की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए हाथ से निराई गुड़ाई करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Churu · Rajasthan · 2022चने की फसल में फसल के होने के पश्चात खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
चने की फसल में फसल के होने के पश्चात खरपतवार नियंत्रण के लिए हाथों द्वारा निराई गुड़ाई करें किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा का प्रयोग ना करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Katni · Madhya Pradesh · 2022चना की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
चना की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए किसी दवा का प्रयोग नहीं होगा! निराई कराएं!
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chitrakoot · Uttar Pradesh · 2022चना की फसल में में 25-30 दिनों की बुवाई के बाद खरपतवार प्रबंधन के लिए क्या करें?
चना की फसल में में 25-30 दिनों की बुवाई के बाद खरपतवार प्रबंधन के लिए निदाई गुड़ाई ( इंटरकल्चरल ऑपरेशन ) की सिफारिश की गई है।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल में खरपतवार प्रबंधन करने के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई आपके चने की फसल में खरपतवार प्रबंधन करने के लिए Quizalophop ethyl 5 % ec दवा की 300 ml प्रति एकर 150 से 200 लीटर पानी के साथ मिलाकर खेत में बोवाई के २५ दिन बाद छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raj Nandgaon · Chhattisgarh · 2022चने में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
चने में खरपतवार नियंत्रण के लिए आप निराई गुड़ाई करें इसमें कोई खरपतवार नाशी का उपयोग ना करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jabalpur · Madhya Pradesh · 2022चने की फसल के खेत में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
आप चने की फसल के खेत में खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई कराएं,खरपतवार नाशक दवा का छिड़काव न करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bahraich · Uttar Pradesh · 2022चने की फसल में खरपतवार के लिए क्या करें?
चने की फसल में खरपतवार के नियंत्रण हेतु बुवाई के 15 से 20 दिन पश्चात दवा टार्गा सुपर (क्विज़ालोफॉप एथिल 5% ईसी) 200ml प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर स्प्रे करवाएं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Lalitpur · Uttar Pradesh · 2021⚠️ ये जवाब भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर के रिकॉर्ड से लिए गए हैं और सामान्य जानकारी के लिए हैं। दवा की मात्रा फसल की अवस्था, मिट्टी और मौसम पर निर्भर करती है — इसलिए छिड़काव से पहले अपने नज़दीकी कृषि अधिकारी या KVK से सलाह ज़रूर लें।