गेहूं पर किसानों ने किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) पर जो सवाल पूछे और कृषि विशेषज्ञों ने जो जवाब दिए, वही यहां दिए गए हैं — कुल 60 सवाल-जवाब। आज का मंडी भाव देखें →
गेहूं की फसल में मिश्रित/मिले-जुले खरपतवारों के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में मिश्रित/मिले-जुले खरपतवारों के नियंत्रण हेतु 200 ग्राम शगुन 21-11 (Metribuzin + Clodinafop ) + 500 मि.ली. सर्फेक्टेंट (चिपकने वाला तत्व ) या ACM-9 (Clodinafop Propargyl 9% + Metribuzin 20% WP) को 120 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 30-35 दिन बाद (जब खरपतवार 2 -4 पत्ती के हों ) प्रति एकड़ छिड़काव करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Yamuna Nagar · Haryana · 2023गेहू में पीले रतुआ के लिए क्या करें?
गेहू में पीले रतुआ की रोकथाम के लिए आप 200 मिलीलीटर प्रोपिकाज़ोल 25 % EC (टिल्ट) को 200 लीटर पानी में मिलाकार स्प्रे करें या 800 ग्राम जिनेब (डाईथेंन Z-78 ) या मेंकोजेब (डाईथेंन M -45) को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें तथा 10 -15 दिन के अंतराल पर दोहराये
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ambala · Haryana · 2023गेहूं की फसल में चूहा नियंत्रण के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में चूहा नियंत्रण के लिए जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की 1.0 ग्राम मात्रा को 1.0 ग्राम सरसों का तेल एवं 48 ग्राम भूने हुए दाने में बनाये गये जहरीले चारे का प्रयोग करना चाहिए।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Gonda · Uttar Pradesh · 2023गेहूं फसल अवशेष नष्ट करने के लिए क्या करें?
गेहूं फसल अवशेष नष्ट करने के लिए यूरिया 20 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Unnao · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल को नीलगाय से बचाने के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल को नीलगाय से बचाने के लिए 3 - 4 लीटर सड़ा हुआ मट्ठा 5 दिन तक लें, 750 ग्राम बालू और 500 ग्राम लहसुन मिलाकर अच्छी तरह मिलाकर 5 दिन तक रखें और फिर 25 लीटर में घोलें पानी डा। स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Firozabad · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में ग्रोथ और बढ़वार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में ग्रोथ और बढ़वार के लिए सागरिका 200 से 300 एम एल प्रति एकड़ के हिसाब से या धनजाइम लिक्विड 200-300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें I
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Indore · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में गिरने की समस्या को रोकने के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में गिरने की समस्या को रोकने के लिए हल्की सिंचाई करें क्योंकि अधिक सिंचाई के कारण पौधे की जड़ कमजोर होने से फसल हवा के साथ जमीन पर गिर जाती है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bikaner · Rajasthan · 2023गेहूं की फसल में फफूंदी रोग की समस्या के निदान के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में फफूंदी रोग की समस्या के निदान के लिए हेक्साकोनाजोल 5% एससी 250 ml प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jaunpur · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की कटी हुई फसल को हटाने के लिए क्या करें?
गेहूं की कटी हुई फसल को हटाने के लिए या खत्म करने के लिए पैराक्वाट दवा 1 लीटर मात्रा 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर दें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Shahjahanpur · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की प्रजाति GW-322 के लिए क्या करें?
गेहूं की प्रजाति GW-322 के लिए तीन से चार सिंचाई की आवश्यकता होती है | इस प्रजाति के पकने की अवधि 115 से 120 दिन है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Hamirpur · Uttar Pradesh · 2022गेहू में नैनो यूरिया फसल की बढ़वार के लिए क्या करें?
गेहू में नैनो यूरिया फसल की बढ़वार के लिए गेहूं की गभोट अवस्था के पहले 500 एम एल प्रति एकर उपयोग कर सकते है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ujjain · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में जिंक की कमी की पूर्ति करने के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में जिंक की कमी की पूर्ति करने के लिए चिलेटेड जिंक 12% की 10-12 ग्राम मात्रा प्रति पंप की दर से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Guna · Madhya Pradesh · 2023गेहूं में अच्छी उपज के लिए क्या करें?
गेहूं में अच्छी उपज के लिए आप बुवाई के 70-75 दिन बाद 1.0 किलोग्राम 30.5% मैंगनीज सल्फेट + 1 किलोग्राम NPK (13:0:45) + 100 ग्राम बोरॉन प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में एक छिड़काव करें | या गेहूं में पीले रतुआ को नियंत्रित करने के लिए फसल पर बुवाई के 80-85 दिन बाद 1 किलोग्राम NPK (13:0:45) + 100 ग्राम बोरॉन + 200 मिली कस्टोडिया 320 एससी (एज़ोक्सिस्ट्रोबिन + टेबुकोनाज़ोल) का 150 लीटर पानी में एक छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Palwal · Haryana · 2023गेहूं की फसल में दाना कम बनते हैं और अच्छा नहीं होता है तो इस के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में दाना कम बनते हैं और अच्छा नहीं होता है तो इसके लिए आप एनपीके 00:52:34 एक से डेढ़ किलोग्राम प्रति एकड़150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jaunpur · Uttar Pradesh · 2023गेहूं में अच्छी बढ़ोत्तरी के लिए क्या करें?
गेहूं में अच्छी बढ़ोत्तरी के लिए आप NPK (19:19:19) 1 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करे | गेहूं में अच्छी बढ़ोत्तरी के लिए आप NPK (18:18:18) 1 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mewat · Haryana · 2023गेहूं में अच्छी बढ़ोत्तरी व् फुटाव के लिए क्या करें?
गेहूं में अच्छी बढ़ोत्तरी व् फुटाव के लिए आप बायोविटा या सागरिका 250 एम एल को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kaithal · Haryana · 2023गेहूं की फसल में वृद्धि के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में वृद्धि के लिए यूरिया 35 किलोग्राम नाइट्रोबेंजीन 1 किलोग्राम प्रति प्रयोग करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Amethi ( Shahu Ji Maharaj) · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में दाने भरते समय अच्छी पैदावार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में दाने भरते समय अच्छी पैदावार के लिए एन.पी.के.0:0:50 पानी में घुलनशील खाद की १०० ग्राम मात्रा प्रति पम्प की दर से पत्तियों पर छिडकाव करेl
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Narsimpur · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में पत्तियों के पीलेपन के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में पत्तियों के पीलेपन के नियंत्रण के लिए- एनपीके 19:19:19, 1.5 किलोग्राम और प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kannauj · Uttar Pradesh · 2023गेहू के भण्डारण के लिए क्या करें?
गेहू के भण्डारण हेतु दानो में नमी १०-१२ % रखे तथा EDB एम्पुले १ इंजे. / क्विंटल की दर से उपयोग करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhatarpur · Madhya Pradesh · 2022गेहूं की फसल में पीलापन के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में पीलापन की रोकथाम के लिए आप एनपीके (19:19:19) का छिड़काव 10 ग्राम प्रति 1 लीटर पानी के हिसाब से करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kangra · Himachal Pradesh · 2023गेहू की अच्छी बढ़वार व फुटाव के लिए क्या करें?
गेहू की अच्छी बढ़वार व फुटाव के लिए आप 250 मिली बायोबीटा या 250 मिली सागरिका को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sirsa · Haryana · 2023गेहूं की फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए - नैनो यूरिया - 500 ML +सागरिका 250 ML प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करें जो गेहूं की फसल में एक बोरी दानेदार यूरिया की पूर्ति करेगा
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sonbhadra · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में दाने का आकार बढाने और उपज बढ़ान के लिए क्या करें?
आप आपकी गेहूं की फसल में दाने का आकार बढाने और उपज बढ़ान के लिए N P K 0:52:34 घुलनशील खाद की 100 ग्राम मात्रा प्रति पम्प के हिसाब से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bhopal · Madhya Pradesh · 2023गेहू की खड़ी फसल मैं बालियों के विकास के लिए क्या करें?
गेहू की खड़ी फसल मैं बालियों के विकास के लिए ऍन. पी. के 0:52:34 पानी में घुलनशील खाद की १०० ग्राम मात्रा प्रति पम्प और सागरिका ३०-४० एम एल मात्रा प्रति पम्प की दर से छिडकाव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Dewas · Madhya Pradesh · 2023गेहूं फसलों की अच्छी उत्पादन के लिए क्या करें?
आप गेहूं फसलों की अच्छी उत्पादन के लिए एन.पी.के. ०:५२:३४ पानी में घुलनशील खाद की १०० ग्राम मात्रा प्रति पम्प की दर से पत्तियों पर छिडकाव करे. I
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में अनाज की गुणवत्ता और अच्छी उपज बढ़ाने के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में अनाज की गुणवत्ता और अच्छी उपज बढ़ाने के लिए आप 1किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट, एनपीके (13:00:45) या मोनो पोटेशियम फॉस्फेट, एनपीके (00:52:45) को प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं ,जब फसल गर्भावस्था के चरण में हो
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bhiwani · Haryana · 2023गेहूं की फसल में अच्छी उपज के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में अच्छी उपज के लिए एनपीके (00:00:50:) 1.5 किलोग्राम मात्रा 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bareilly · Uttar Pradesh · 2023गेहूं फसल में फल के आकर और उपज में वृद्धि के लिए क्या करें?
गेहूं फसल में फल के आकर और उपज में वृद्धि के लिए एन:पी:के 0:52:34 की 100 ग्राम की मात्रा को प्रति पंप के हिसाब से उपयोग करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में दाने की वृद्धि एवं विकास के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में दाने की वृद्धि एवं विकास हेतु एनपीके 00:52:34 की 100 ग्राम मात्रा प्रति पंप स्प्रे करें l
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Satna · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल में बढ़वार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में बढ़वार के लिए -NPK 19:19:19 ग्रेड का 10 ग्राम प्रति लिटर पानी में घोल कर छिड़काव करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Churu · Rajasthan · 2023गेहू में लगे यलो रस्ट रोग के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई,गेहू में लगे यलो रस्ट रोग के नियंत्रण के लिए आप प्रोपिकोनाज़ोल २५% इसी की १५०-२०० मिली तथा स्ट्रेप्टोसाइक्लीन १५ ग्राम मात्रा प्रति एकर की दर से १५०-२०० लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर सकते हैं I
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raigarh · Chhattisgarh · 2023गेहूं की फसल में फफूंद जनित रोगों के लिए क्या करें?
आप गेहूं की फसल में फफूंद जनित रोगों के नियंत्रण के लिए प्रोपीकोनाजोल 25% EC की 15 ml मात्रा का प्रति पंप की दर से छिड़काव करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raisen · Madhya Pradesh · 2023गेहू की फसल में फफूंद जनित रोगों के लिए क्या करें?
गेहू की फसल में फफूंद जनित रोगों की रोकथाम के लिए टेबूकोनाज़ोल २५% + ट्राईफ्लोक्सिस्ट्रोबिन ५०% (७५%डब्लू जी) का ८ -१० ग्राम तथा स्ट्रेप्टोसाइक्लीन २ ग्राम मात्रा का उपयोग १५ लीटर पानी मैं मिलाकर स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Tikamgarh · Madhya Pradesh · 2023गेहूं में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का नियन्त्रण के लिए क्या करें?
गेहूं में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का नियन्त्रण के लिए 250 ग्राम प्रति एकड़ 2,4-डी सोडियम साल्ट (80%) 300 मिलीलीटर प्रति एकड़ 2,4-डी एस्टर (34.6%) या मैटसलफ्यूरोन (एलग्रीप घु. पा. या घु. दाने) 8.0 ग्राम (प्रोडेक्ट+सहायक पदार्थ) या कारफेन्ट्राजोन-इथार्इल (एफीनिटी) 40 प्रतिशत डी. एफ. का 20 ग्राम को 200- 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ बिजाई के 30-35 दिन बाद छिड़कें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Rohtak · Haryana · 2023गेहूं मे पीले रतुवे व् काली बाल के लिए क्या करें?
गेहूं मे पीले रतुवे व् काली बाल की रोकथाम के लिए आप 200 एम एल टिल्ट (प्रोपिकोनाज़ोल) को 200 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sirsa · Haryana · 2023गेहू में खुली कंगयारी (बाली काली हो जाना) और पतियों की कंगयारी के लिए क्या करें?
गेहू में खुली कंगयारी (बाली काली हो जाना) और पतियों की कंगयारी की रोकथाम के लिए आप 400-500 ग्राम बवेस्टिन या 200 मिलीलीटर प्रोपिकाज़ोल 25 % EC को 200 लीटर पानी में मिलाकार प्रति एकड़ स्प्रे करें तथा 10 -15 दिन के अंतराल पर दोहराये
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Charki Dadri · Haryana · 2023गेहूं में चेपा/तेला/हल कीट के लिए क्या करें?
गेहूं में चेपा/तेला/हल कीट की रोकथाम के लिए आप 40 एम एल कॉन्फिडोर 200 SL को 150 पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sonepat · Haryana · 2023गेहूं मे काली बाल के लिए क्या करें?
गेहूं मे काली बाल की रोकथाम के लिए आप 200 एम एल टिल्ट (प्रोपिकोनाज़ोल) को 200 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Yamuna Nagar · Haryana · 2023गेहू की फसल में चेंपा, तेला हल कीट के लिए क्या करें?
गेहू की फसल में चेंपा, तेला हल कीट,की रोकथाम के लिए 400 एम एल मेलाथियोंन या 350 एम एल रोगोर या 250 से 400 मि.ली. मिथाईल डेमेटान (मैटासिस्टॉक्स) 25 ई.सी. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kurkshetra · Haryana · 2023गेहूं की फसल मे फफूँदी रोगों के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल मे फफूँदी रोगों की रोकथाम के लिए आप 600 ग्राम मेंकोजेब (एम -45) या बाविस्टिन को 200 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ambala · Haryana · 2023गेहूं बीज की गुणवत्ता से संबंधित शिकायत के लिए क्या करें?
गेहूं बीज की गुणवत्ता से संबंधित शिकायत के लिए अपने जिला के उप संचालक कृषि कार्यालय पर सूचित करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Dewas · Madhya Pradesh · 2023नैनो डी.ए.पी. से गेहूं के बीज उपचारित करने के लिए क्या करें?
नैनो डी.ए.पी. से गेहूं के बीज उपचारित करने के लिए 3 से 5 ml प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित कर सकते हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Allahabad · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की सिंचित अवस्था के लिए क्या करें?
गेहूं की सिंचित अवस्था के लिए अनुशंसित किस्म जीडब्ल्यू 322, एचआई 8498 (मालवासक्ति), एचआई 8381, एमपीऔ 1106 (सुधा), एचआई 8663 (पोशन), एचआई 8713 (पूसा मंगल), डीबीडबल्यू 303 (करण वैष्णवी), एचआई 1634 (पूसा अहिल्या), पूसा वानी (एच.आई .1633), एचआई-8759 (पूसा तेजस), डीबीडबल्यू 187 (करण वंदना), श्रीराम 111, श्रीराम 303 हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Narsimpur · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की अगेती बुवाई के लिए क्या करें?
गेहूं की अगेती बुवाई के लिए गेहूं की उन्नत किस्में - H.D. (पूसा गौतमी) - 3086, HD (पूसा यशस्वी) - 3226 , DBW (करण वैष्णवी) - 303, DBW (करण नरेंद्र) - 222, DBW(करण बंदना ) - 187,
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raebareli · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की किस्में लवणीय और क्षारीय भूमि के लिए क्या करें?
गेहूं की किस्में लवणीय और क्षारीय भूमि के लिए के K.R.L-1-4 ,K.R.L-19 ,,राज 3077 खारचीया-65 ,डब्ल्यू एच -157
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ganganagar · Rajasthan · 2022गेहूं की सिंचित अवस्था और समय पर बोनी के लिए क्या करें?
आप गेहूं की सिंचित अवस्था और समय पर बोनी के लिए HI 8759 (पूसा तेजस),डी बी डब्लू 187 (कारण वंदना) गेहूं की किस्मों का चयन कर सकते है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Rajgarh · Madhya Pradesh · 2022सामान्यत : बौने गेहूँ अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए क्या करें?
जी सामान्यत : बौने गेहूँ अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए हल्की भूमि में सिंचाइयॉ निम्न अवस्थाओं में करनी चाहिए। इन अवस्थाओं पर जल की कमी का उपज पर भारी कुप्रभाव पड़ता है, परन्तु सिंचाई हल्की करे। पहली सिंचाई क्राउन रूट-बुआई के 20-25 दिन बाद (ताजमूल अवस्था) दूसरी सिंचाई बुआई के 40-45 दिन पर (कल्ले निकलते समय) तीसरी सिंचाई बुआई के 60-65 दिन पर (दीर्घ सन्धि अथवा गांठे बनते समय) चौथी सिचाई बुआई के 80-85 दिन पर (पुष्पावस्था) पॅचावी सिंचाई बुआई के 100-105 दिन पर (दुग्धावस्था) छठी सिंचाई बुआई के 115-120 दिन पर (दाना भरते समय)
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raebareli · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में सिंचाई प्रबंधन- यदि पानी दो सिंचाइयों के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में सिंचाई प्रबंधन- यदि पानी दो सिंचाइयों के लिए उपलब्ध है तो पहली सिंचाई शीर्ष जड के विकास के समय तथा दूसरी फूल आते समय करनी चाहिए। यदि पानी तीन सिंचाइयों के लिए उपलब्ध है तो पहली सिंचाई मुख्य जड के विकास के समय, दूसरी सिंचाई तने में गाँठ बनते समय तथा तीसरी दाने में दूध बनते समय करनी चाहिए हल्की भूमि में सिंचाई लगभग 6 सेमी० तथा दोमट व भारी भूमि मे सिंचाई कुछ गहरी प्रति सिंचाई लगभग 8 सेमी० करें पहली सिंचाई -बुआई के 20-25 दिन बाद (शीर्ष जड अवस्था) दूसरी सिंचाई बुआई के 40-45 दिन पर (कल्ले निकलते समय) तीसरी सिंचाई बुआई के 60-65 दिन पर ( गांठे बनते समय) चौथी सिचाई बुआई के 80-85 दिन पर (पुष्पावस्था) पॅचावी सिंचाई बुआई के 100-105 दिन पर (दुग्धावस्था) छठी सिंचाई बुआई के 115-120 दिन पर (दाना भरते समय)
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Churu · Rajasthan · 2023गेहूं की फसल के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं।, सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ballia · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में खरपतवार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में खरपतवार के नियंत्रण के लिए दवा का प्रयोग 25 से 35 दिन तक करते हैं, उसके बाद निराई गुड़ाई करते हैं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Deoria · Uttar Pradesh · 2023गेहूं की फसल में मिश्रित खरपतवार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में मिश्रित खरपतवार की रोकथाम के लिए आप टोटल (Sulfosulfuron 75% + Metsulfuron Methyl 5% WG) का 16 ग्राम या अटलांटिस 36 WDG (Metsulfuron methyl 3 % + Idosulfuron methyl sodium 0.6 %) 160 ग्राम का प्रति एकड़ की दर से बिजाई के 30-35 दिन बाद 200 -250 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।ध्यान रहे कि इन खेतों में गेहूं के बाद ज्वार या मक्की की फसल न उगाये | अगर ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल लेनी है तो गेहूं में सुल्फोसल्फुरोन (Sulfosulfuron ) का छिड़काव न करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sonepat · Haryana · 2023गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में खरपतवार नियंत्रण हेतु किसी भी प्रकार की खरपतवार नाशक दवा का प्रयोग ना करें, निराई- गुड़ाई कराएं
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Basti · Uttar Pradesh · 2023गेहू की फसल में गेहुंसा के लिए क्या करें?
गेहू की फसल में गेहुंसा की रोकथाम के लिए आप क्लोडिनफोप प्रोपार्जील 15% WP नामक दवा की १६० ग्राम की मात्रा को प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jabalpur · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल मे चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के रोकथाम के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल मे चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के रोकथाम के लिए आप २,४-डी ५८ % एस.एल. दवा की ५०० मिलीलीटर की मात्रा को प्रति एकड़ के हिसाब से छिडकाव करे।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Vidisha · Madhya Pradesh · 2023गेहू में 50 दिन की फसल पर खरपतवार के लिए क्या करें?
गेहू में 50 दिन की फसल पर खरपतवार के लिए कोई स्प्रे की सिफारिश नहीं है !
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sonepat · Haryana · 2023गेहूं में सकरी और चौड़ी पत्ती खरपतवार प्रबंधन के लिए क्या करें?
गेहूं में सकरी और चौड़ी पत्ती खरपतवार प्रबंधन के लिए सल्फोसल्फुरन 75% + मैट्सफुलरॉन 5% 16 ग्राम / एकड़ स्प्रे करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Gwalior · Madhya Pradesh · 2023गेहूं की फसल मे चोड़ी पत्ती खरपतवारों के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल मे चोड़ी पत्ती खरपतवारों की रोकथाम के लिए 2,4-डी ईथाइल एस्टर 38 % 1400 एम.एल. प्रति हेकटेयर बुवाई के 30-35 दिन की अवस्था पर छिड़काव करे ।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — New Delhi (Connaught Place) · Delhi · 2023गेहूं की फसल में चौड़ी पत्ती खरपतवार के लिए क्या करें?
गेहूं की फसल में चौड़ी पत्ती खरपतवार के नियंत्रण के लिए - मेट सल्फरॉन मिथाइल - 20%डब्ल्यू.पी. - 8 ग्राम प्रति एकड़ लगभग 150 लीटर पानी में घोल बनाकर बुवाई के 25 से 30 दिन बाद स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mainpuri · Uttar Pradesh · 2023गेहूं में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण करने के लिए क्या करें?
गेहूं में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण करने के लिए 2,4 - D 58 % SL ( सोडियम साल्ट) 2.5 मिली दवा प्रति लीटर पानी में मिलाकर बुवाई के 30 से 35 दिनों के पश्चात प्रयोग करनी चाहिए
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Siwan · Bihar · 2023⚠️ ये जवाब भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर के रिकॉर्ड से लिए गए हैं और सामान्य जानकारी के लिए हैं। दवा की मात्रा फसल की अवस्था, मिट्टी और मौसम पर निर्भर करती है — इसलिए छिड़काव से पहले अपने नज़दीकी कृषि अधिकारी या KVK से सलाह ज़रूर लें।