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मूंग की खेती — किसानों के असली सवाल और जवाब

मूंग पर किसानों ने किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) पर जो सवाल पूछे और कृषि विशेषज्ञों ने जो जवाब दिए, वही यहां दिए गए हैं — कुल 47 सवाल-जवाब। आज का मंडी भाव देखें →

खेती की विधि

मूंग की फसलों में फल और फूल झड़न की समस्या का समाधान के लिए क्या करें?

मूंग की फसलों में फल और फूल झड़न की समस्या का समाधान के लिए अल्फा नाफ्थिल एसिटिक एसिड 4.5% SL ( Na साल्ट) (प्लानोफिक्स) नामक दवा का ५ मिली प्रति पंप की हिसाब से छिड़काव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Dewas · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की ग्रीष्मकालीन बुआई के लिए क्या करें?

मूंग की ग्रीष्मकालीन बुआई हेतु 25-30 कि.ग्रा/है. बीज की आवश्यकता पड़ती है।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Indore · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में पौधों की वनस्पतियों के विकास और फूल, फल में बृद्धि के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में पौधों की वनस्पतियों के विकास और फूल, फल में बृद्धि के लिए पौधों में सागरिका, मंगला बायो -२०, बायोबीटा, एमिनो एसिड, जाइम, धनजाइम गोल्ड आदि इनमे से कोई एक को २०-३० मिली. ली. प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव कर सकते है I

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग के बीज उपचार के लिए क्या करें?

मूंग के बीज उपचार के लिए ट्राईकोडरमा विर्डी ५ ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से या कार्बेन्डाजिम + मैन्कोजेब का 3 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से उपयोग करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raisen · Madhya Pradesh · 2021

ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए क्या करें?

ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए कतार से कतार की दूरी 20-22.5 से.मी. रखी जाती है। पौधे से पौधे की दूरी 10-15 से.मी. रखते हुये 4 से.मी. की गहराई पर बोना चाहिये।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2021

मूंग की बीज दर -बसंत अथवा ग्रीष्मकालीन बुआई के लिए क्या करें?

मूंग की बीज दर -बसंत अथवा ग्रीष्मकालीन बुआई हेतु 25-30 कि.ग्रा/है.(8 से 10 किलो प्रति एकड़) बीज की आवश्यकता पड़ती है। बुवाई से पूर्व बीज को कार्बेन्डाजिम + केप्टान (1 + 2) 3 ग्राम दवा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Damoh · Madhya Pradesh · 2021

उर्वरक का उपयोग

मूंग की फसल की वृद्धि विकास के लिए क्या करें?

आपकी मूंग की फसल की वृद्धि विकास के लिए N P K 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद की 100 ग्राम मात्रा तथा ह्यूमिक एसिड 98 % 25 ग्राम या 12 % वाला 30 एम एल प्रति पम्प 15 लीटर पानी की दर से पत्तियों पर छिडकाव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में ग्रोथ के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में ग्रोथ के लिए N:P:K 18:18:18 - 1 किलोग्राम / एकर की दर से 150-200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Lalitpur · Uttar Pradesh · 2022

पोषण व खाद प्रबंधन

मूंग की फसल में फूलों की वृद्धि एवं विकास के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में फूलों की वृद्धि एवं विकास हेतु अमीनो एसिड + विटामिन (फैंटैकप्लस) 100ml मात्रा प्रति एकड़ तथा N P K 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद की 1 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कीजिए

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raisen · Madhya Pradesh · 2023

मूंग फसल में फूलों की संख्या में बड़ोत्तरी के लिए क्या करें?

मूंग फसल में फूलों की संख्या में बड़ोत्तरी के लिए गोदरेज का डबल (100 ml /एकर) या फ़ेंटेक प्लस 80 to 100 ML / एकर या बूम फ्लावर या पोषक सुपर या बायर का एम्बिशन 400 ml / Acre या प्लानटोनिक 240 ml / एकर या क्वाण्टिस 400-800 ml / एकर या ईसाबियाँन 300 ml।/एकर बायोजाइम या सागरिक किसी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Hoshangabad · Madhya Pradesh · 2023

मूंग की फसल में फूलो में बृद्धि के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में फूलो में बृद्धि के लिए फसल पर अमीनो एसिड + विटामिन 10-12 मिलीलीटर प्रति पंप + बोरान 20 परसेंट का 15 ग्राम प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Katni · Madhya Pradesh · 2023

मूंग की फसल में और उर्वरक प्रबंधन के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में और उर्वरक प्रबंधन के लिए आप 30 से 35 किलोग्राम डीएपी प्रति एकड़ दे सकते हैं 20 से 25 दिन बाद एनपीके 19 19 19 का छिड़काव कीजिए धन्यवाद

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Narsimpur · Madhya Pradesh · 2023

मूंग की फसल में वृद्धि विकास के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में वृद्धि विकास के लिए N P K 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद की 100 ग्राम मात्रा तथा ह्यूमिक एसिड 98 % 25 ग्राम या 12 % वाला 30 एम एल प्रति पम्प की दर से पत्तियों पर छिडकाव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Seoni · Madhya Pradesh · 2023

मूंग फसल की वृद्धि विकास के लिए क्या करें?

आप आपकी मूंग फसल की वृद्धि विकास के लिए N P K 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद की 100 ग्राम मात्रा तथा ह्यूमिक एसिड 25-30 ml प्रति पम्प की दर से पत्तियों पर छिडकाव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में खरपतवार नाशी दबा के प्रभाव को कम करने के लिए क्या करें?

आपकी मूंग की फसल में खरपतवार नाशी दबा के प्रभाव को कम करने के लिए कृपया आप ग्लूकोस पाउडर की 150 ग्राम की मात्रा प्रति पंप की दर से छिड़काव करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jabalpur · Madhya Pradesh · 2022

मूंग फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए क्या करें?

मूंग फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए फसलों में फूलों के आने के पहले एन.पी.के. 19:19:19 पानी में घुलनशील खाद की १०० ग्राम मात्रा प्रति पम्प की दर से पत्तियों पर छिडकाव करे. I

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jabalpur · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में बढ़वार के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में बढ़वार हेतु एन पी के 19: 19 19 की 100 ग्राम मात्रा प्रति पंप तथा क्यों में कैसेट की ह्यूमिक एसिड 98% की 30 एम एल मात्रा प्रति पंप छिड़काव करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sagar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल पे वृद्धि और उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या करें?

आप मूंग की फसल पे वृद्धि और उत्पादन बढ़ाने के लिए N:P:K 00:52:34 पानी में घुलनशील खाद की 1०० ग्राम मात्रा प्रति पम्प + ह्यूमिक एसिड ३० ml प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे I

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Morena · Madhya Pradesh · 2022

कीट व रोग नियंत्रण

मूंग में कीटों के लिए क्या करें?

मूंग में कीटों की रोकथाम के लिए 400 मिली साइथियन (मैलाथियान 50 EC) या 250 मिली रोगोर (डाईमेथोएट 30 EC) या 250 मिली मेटासिस्टोक्स (ऑक्सीडेमेटॉन मिथाइल 25 EC) को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sirsa · Haryana · 2023

मूंग की फसल में कीट और रोग नियंत्रण काली जड़, गलन के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में कीट और रोग नियंत्रण काली जड़, गलन हेतु कार्बेन्डाजिम 50% डब्लू.पी. 250 ग्राम प्रति बीघा बुरकाव कर सिंचाई करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Rajsamand · Rajasthan · 2023

मूंग की फसल में सफ़ेद मक्खी कीट के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए क्या करें?

प्रिय किसान भाई मूंग की फसल में सफ़ेद मक्खी कीट के प्रकोप को नियंत्रित करने हेतु एसीटामिप्रिड २० % एस पी दवा की 50 ग्राम की मात्रा प्रति एकर की दर से 150 से 200 लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करें | दवा का प्रयोग शाम के समय करें , इस समय रस चूसक कीट सक्रीय रहते हैं

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Balod · Chhattisgarh · 2023

मूंग की फसल में इल्ली एवं अन्य कीटों के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में इल्ली एवं अन्य कीटों के नियंत्रण के लिए इम्मेक्टिन बेंजोएट 5% SG 7-8 ग्राम /पंप की दर से छिड़काव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Vidisha · Madhya Pradesh · 2023

मूंग में बीमारियों के लिए क्या करें?

मूंग में बीमारियों की रोकथाम के लिए आप 600 - 800 ग्राम ब्लाईटोक्स (कॉपर ऑक्सीक्लोराईड 50 %WP) या इंडोफिल एम् 45 (मेंकोजेब 75% WP) को 250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Sonepat · Haryana · 2023

मूंग की फसल में रस चूसक कीड़े के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में रस चूसक कीड़े के नियंत्रण के लिए एसीटामिप्रिड 20% ऐस पी को 40-60 ग्राम की मात्रा को प्रति एकड़ की दर से १५०-२०० लीटर पानी के साथ मिला कर के छिड़काव कर सकते है

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Balod · Chhattisgarh · 2023

मूंग की फसल में रस चुसक कीटों को नियंत्रित करने के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में रस चुसक कीटों को नियंत्रित करने के लिए एसिटामिप्रिड 20% एसपी ६-८ ग्राम की मात्रा को प्रति पंप के हिसाब से छिडकाव करे।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में रस चूसक कीट के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में रस चूसक कीट के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 % SL 5-7 ML/पंप की दर से छिड़काव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Narsimpur · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में इल्ली के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में इल्ली के नियंत्रण के लिए इम्मेक्टिन बेंजोएट 5 % ७ -८ ग्राम /पंप की दर से छिड़काव करे

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Damoh · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में पत्ति काटने वाली इल्ली किट के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में पत्ति काटने वाली इल्ली किट के नियंत्रण के लिए इंडोक्साकार्ब 14.5% ऐस सी को 100-120 मिली प्रति एकड़ की दर से 150-200 लीटर पानी के साथ मिला कर के छिड़काव कर सकते है

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raigarh · Chhattisgarh · 2022

बीज

मूंग की बुवाई के लिए क्या करें?

जी मूंग की बुवाई के लिए उपयुक्त समय 10 मार्च से 10 अप्रैल तक है। बुवाई में देर करने से फल एवं फलिया गर्म हवा के कारण तथा वर्षा होने से क्षति हो सकती है। तराई क्षेत्र मे मूंग की बुवाई मार्च के अन्दर कर लेनी चाहियें। अप्रैल माह में शीघ्र पकने वाली प्रजातियां ही बोई जाये। बसंत कालीन प्रजातियों की बुवाई 15 फरवरी से 10 मार्च तक तथा ग्रीष्म कालीन प्रजातियों के लिये 10 मार्च से 10 अप्रैल का समय उपयुक्त होता है। जहाँ बुवार्इ अप्रैल के प्रथम सप्ताह के आसपास हो वहॉ प्रजाति पंत-2, मेहा एवं एच०यू०एम०-16 की बुवाई की जाये।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bulandshahar · Uttar Pradesh · 2023

मूंग के बीजोपचार के लिए क्या करें?

मूंग के बीजोपचार के लिए मेन्कोजेब + कार्बेन्डाजिम या थायरम 3 ग्राम / किग्रा बीज और थियामेथोक्सम 70 wg 3 ग्राम / किग्रा बीज और राइजोबियम कल्चर या ट्राइकोडर्मा विरिडी 5 ग्राम / किग्रा बीज से उपचारित करें I

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Raisen · Madhya Pradesh · 2023

मूंग बीज जनित रोगों की रोकथाम के लिए क्या करें?

मूंग बीज जनित रोगों की रोकथाम हेतु बीजोपचार आवश्यक हैं बोनी के पूर्व 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा बिरडी प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें एवं बाद में थायोमेथोक्साम 70 डब्ल्यू पी 3 ग्राम/किलों 5 ग्राम बाद में राइजोबियम कल्चर 5 ग्राम पी.एस.बी. कल्चर से बीजोपचार करवाना चाहिए। ट्राइकोडरमा विरडी न मिलने पर 3 ग्राम थीरम प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार करें एवं बाद में कल्चर एवं पी.एस.बी. से बीजोपचार करना चाहिए ।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ashoknagar · Madhya Pradesh · 2022

मूंग का एक किल्ला लगाने के लिए क्या करें?

मूंग का एक किल्ला लगाने के लिए 6 -8 किलो बीज पर्यापत है i

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kaithal · Haryana · 2022

बीज दर- श्रीमान जी आप मूंग की फसल की बुवाई के लिए क्या करें?

बीज दर- श्रीमान जी आप मूंग की फसल की बुवाई के लिए 20-25 कि०ग्रा० स्वस्थ बीज प्रति हेक्टर पर्याप्त होता है।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mathura · Uttar Pradesh · 2022

मूंग का बीज शोधन के लिए क्या करें?

मूंग का बीज शोधन के लिए आधा लीटर पानी में 250 ग्राम गुड़ एवं 200 ग्राम राइजोबियम कल्चर का पूरा पैकेट मिला दें। इस मिश्रण को 10 किग्रा० बीज के ऊपर छिड़क कर हल्के हाथ से मिलायें जिससे बीज के ऊपर एक हल्की पर्त बन जाती है। इस बीज को छाये में 1-2 घन्टे सुखाकर बुवाई प्रातः 9 बजे तक या सांयकाल 4 बजे के बाद करें।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Agra · Uttar Pradesh · 2022

मूंग की बीज की मात्रा- बिजाई के लिए क्या करें?

मूंग की बीज की मात्रा- बिजाई के लिए एक एकड़ खेत में 8-10 किलो बीज पर्याप्त होते हैं।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Bahraich · Uttar Pradesh · 2021

गरमा मूंग में छोटे दाने के प्रभेद के लिए क्या करें?

गरमा मूंग में छोटे दाने के प्रभेद हेतु 20 से 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर एवं बड़े दानों को प्रभेद हेतु 30 से 35 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का व्यवहार करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Nalanda · Bihar · 2021

ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई के लिए क्या करें?

ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई हेतु 10 से 12 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ की दर से प्रयोग किया जाता है

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2021

उन्नत किस्में

मूंग बीज MH - 421 गुणवत्तायुक्त बीज बिक्री के लिए क्या करें?

मूंग बीज MH - 421 गुणवत्तायुक्त बीज बिक्री के लिए उपलब्ध है। बीज दर : 8-10 किग्रा प्रति एकड़ परिपक्वता: 65 दिन उत्पादन: औसतन 5 क्विंटल प्रति एकड़।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Panna · Madhya Pradesh · 2023

बुवाई का समय मूंग की बुवाई के लिए क्या करें?

बुवाई का समय मूंग की बुवाई के लिए उपयुक्त समय 10 मार्च से 10 अप्रैल तक है। बुवाई में देर करने से फल एवं फलिया गर्म हवा के कारण तथा वर्षा होने से क्षति हो सकती है। तराई क्षेत्र मे मूंग की बुवाई मार्च के अन्दर कर लेनी चाहियें। अप्रैल माह में शीघ्र पकने वाली प्रजातियां ही बोई जाये। बसंत कालीन प्रजातियों की बुवाई 15 फरवरी से 10 मार्च तक तथा ग्रीष्म कालीन प्रजातियों के लिये 10 मार्च से 10 अप्रैल का समय उपयुक्त होता है। जहाँ बुवार्इ अप्रैल के प्रथम सप्ताह के आसपास हो वहॉ प्रजाति पंत-2, मेहा एवं एच०यू०एम०-16 की बुवाई की जाये।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kanpur Dehat · Uttar Pradesh · 2022

मूंग की जायद की बुवाई के लिए क्या करें?

मूंग की जायद की बुवाई के लिए उपयुक्त - पूसा विशाल ,एसएमएल 668, गंगा 8 ,आईपीएल 02-04, आईपीएल 02-03 है

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Udaipur · Rajasthan · 2021

खरपतवार नियंत्रण

मूंग की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए पेंडीमेथलीन 750ml दवा को 200 लीटर पानी में घोल बना कर या 30 मिली प्रति पंप बुआई के दो दिनों के भीतर या बीज के अंकुरण होने से पहले छिड़काव करे I

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — East Nimar · Madhya Pradesh · 2023

मूंग की फसल में सकरी पत्ती वाले खरपतवारो के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में सकरी पत्ती वाले खरपतवारो के नियंत्रण के लिए फेनोक्क्साप्रोप-पी -इथाइल ९ ई. सी. नामक दवा की 250 मिलिलीटर की मात्रा को प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chhindwara · Madhya Pradesh · 2022

मूंग फसलों में खरपतवार की अधिकता प्रभाव को कम करने के लिए क्या करें?

आप मूंग फसलों में खरपतवार की अधिकता प्रभाव को कम करने के लिए ग्लूकोस पाउडर को 100 से 200 ग्राम प्रति पम्प के हिसाब से छिडकाव करेI

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Hoshangabad · Madhya Pradesh · 2022

मूंग की फसल में मोथा खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में मोथा खरपतवार नियंत्रण के लिए कोई खरपतवारनाशी नहीं है अतः आप खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई गुड़ाई करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Banda · Uttar Pradesh · 2022

मूंग की फसल मे खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?

मूंग की फसल मे खरपतवार नियंत्रण के लिए आप पेंडिमेथलीन 30% ई.सी. दवा की 700 मिलीलीटर की मात्रा प्रति एकड़ की दर से बुवाई के 3 दिनों के भीतर उपयोग करना चाहिए।

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2021

मूंग की फसल में खरपतवार की समस्या के लिए क्या करें?

मूंग की फसल में खरपतवार की समस्या के लिए बुबाई के 25 और 30 दिन बाद निंदाई गुड़ाई कराएं

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — West Nimar · Madhya Pradesh · 2021

मूंग में खरपतवारो के लिए क्या करें?

मूंग में खरपतवारो की रोकथाम के लिए आप पहली निराई 20-25 दिनों बाद तथा दूसरी निराई 30-35 दिनों बाद करें

स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Hissar · Haryana · 2020

⚠️ ये जवाब भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर के रिकॉर्ड से लिए गए हैं और सामान्य जानकारी के लिए हैं। दवा की मात्रा फसल की अवस्था, मिट्टी और मौसम पर निर्भर करती है — इसलिए छिड़काव से पहले अपने नज़दीकी कृषि अधिकारी या KVK से सलाह ज़रूर लें।

दूसरी फसलों के सवाल

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