सरसों पर किसानों ने किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) पर जो सवाल पूछे और कृषि विशेषज्ञों ने जो जवाब दिए, वही यहां दिए गए हैं — कुल 13 सवाल-जवाब। आज का मंडी भाव देखें →
अनुशंसित बुवाई के समय असिंचित सरसों की फसल के लिए क्या करें?
अनुशंसित बुवाई के समय असिंचित सरसों की फसल के लिए यूरिया 90 किग्रा (आधी मात्रा बुबाई के समय और आधी मात्रा ३० दिन में ) में ।, डीएपी 45-50 किग्रा एमओपी 20 किग्रा / हेक्टेयर और 20 किग्रा सल्फर बुआई के समय उरकर देवें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Guna · Madhya Pradesh · 2023जो भी दवा सरसों में प्रयोग करने के लिए क्या करें?
आपको जो भी दवा सरसों में प्रयोग करने के लिए बताई गई है उसका ऐप प्रयोग करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Firozabad · Uttar Pradesh · 2023अपनी सरसों की फसल में इल्ली और रस चूसक कीट के इल्ली और रस चूसक कीट के लिए क्या करें?
आप अपनी सरसों की फसल में इल्ली और रस चूसक कीट के इल्ली और रस चूसक कीट के नियंत्रण के लिए फसल पे प्रोफेनोफोस 40%ईसी + सायपरमेथ्रिन 4% ईसी 1000 मि.लि./हे या 35-40 मिलिलीटर प्रति पम्प की दर से छिड़काव करें।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Vidisha · Madhya Pradesh · 2023·सरसों की फसल माहु कीट के लिए क्या करें?
·सरसों की फसल माहु कीट के नियंत्रण के लिए इमेडाक्लोरप्रीड 70 % WG 3-5 ग्राम प्रति पम्प के हिसाब से छिडकाव करे।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Satna · Madhya Pradesh · 2022अपनी सरसों की फसल में फफूंदीजनित रोगो के लिए क्या करें?
आप अपनी सरसों की फसल में फफूंदीजनित रोगो के नियंत्रण के लिए हेक्साकोनाज़ोल 5 % EC नामक दवा की 400 मिलीलीटर की मात्रा और स्टेप्ट्रोसायक्लीन दवा की 20 ग्राम मात्रा को प्रति एकर के हिसाब से छिड़काव करे !
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Shivpuri · Madhya Pradesh · 2022अपनी सरसो की फसल में माहू के लिए क्या करें?
आप अपनी सरसो की फसल में माहू के नियंत्रण के लिए फ्लोनिकामीड 50% WG(उलाला) 60 ग्राम प्रति एकर के हिसाब से छिड़काव करे
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Guna · Madhya Pradesh · 2021अपनी सरसों की फसल में रस चूसक कीटो के लिए क्या करें?
आप अपनी सरसों की फसल में रस चूसक कीटो के नियंत्रण के लिए डाईमेथोएट ३०% EC नामक दवा की ३० मिलीलीटर की मात्रा को प्रति पम्प के हिसाब से छिड़काव करे !
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Ratlam · Madhya Pradesh · 2021अपनी सरसों की फसल में रस चूषक के लिए क्या करें?
प्रिय किसान भाई आप अपनी सरसों की फसल में रस चूषक के नियंत्रण के लिए फ्लोनिकामीड 50% डब्ल्यूजी 06 ग्राम प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे या थियामेथोक्सम 12.6% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5% ZC की 08 -10 मिलीलीटर प्रति पंप के हिसाब से छिड़काव करे या इमिडाक्लोरप्रिड 17.8% SL को 5 से 6 मिली की मात्रा में 15 लीटर पानी के पंप में मिलाकर छिड़काव करे।
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Mandsaur · Madhya Pradesh · 2021सिंचित क्षेत्रो में सरसों की फसल की बुवाई के लिए क्या करें?
सिंचित क्षेत्रो में सरसों की फसल की बुवाई के लिए 5 से 6 किलोग्राम बीज प्रति हैक्टर के दर से प्रयोग करना चाहिए, और असिंचित क्षेत्रों के लिए इसकी मात्रा 10 से 15 प्रतिशत बढ़ा देनी चाहिए है| जबकि पीली सरसों के 4 किलोग्राम बीज का उपयोग प्रति हेक्टेयर करना उपयुक्त रहता है
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Rewa · Madhya Pradesh · 2020श्रीमान सरसों की विलंब से बुआई के लिए क्या करें?
श्रीमान सरसों की विलंब से बुआई के लिए प्रजाति है-आशीर्वाद और वरदान
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Kheri · Uttar Pradesh · 2021सो में सिंचाई- सरसों की खेती के लिए क्या करें?
सो में सिंचाई- सरसों की खेती के लिए 4-5 सिंचाई पर्याप्त होती हैl यदि पानी की कमी हो तो चार सिंचाई पहली बुवाई के समय,दूसरी शाखाऐं बनते समय (बुवाई के25-30दिन बाद) तीसरी फूल प्रारम्भ होने के समय (45-50 दिन) तथा अंतिम सिंचाई फली बनते समय (70-80 दिन बाद) की जाती हैl यदि पानी उपलब्ध हो तो सिंचाई दाना पकते समय बुवाई के 100-110 दिन बाद करनी लाभदायक होती हैl
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Gwalior · Madhya Pradesh · 2021किसान भाइयों सरसों के खेत में खेत खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
किसान भाइयों सरसों के खेत में खेत खरपतवार नियंत्रण के लिए पेंडीमिथालिन 3-4 ml प्रति लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Jehanabad · Bihar · 2023श्रीमान सरसों की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए क्या करें?
श्रीमान सरसों की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई करें
स्रोत: किसान कॉल सेंटर (भारत सरकार) — Chandauli · Uttar Pradesh · 2022⚠️ ये जवाब भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर के रिकॉर्ड से लिए गए हैं और सामान्य जानकारी के लिए हैं। दवा की मात्रा फसल की अवस्था, मिट्टी और मौसम पर निर्भर करती है — इसलिए छिड़काव से पहले अपने नज़दीकी कृषि अधिकारी या KVK से सलाह ज़रूर लें।